ED की कार्रवाई पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना, उप मुख्यमंत्री बोले- आदमी छोटा हो या बड़ा हो, एजेंसी समान रूप से जांच करती

रायपुर

विधायक देवेंद्र यादव के बाद कवासी लखमा की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है. ED की कार्रवाई पर पूर्व मंत्री शिव डहरिया ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा, ED चाहती तो कार्रवाई पहले भी कर सकती है, लेकिन चुनाव से ठीक पहले बस्तर के मजबूत कड़ी को तोड़ने की कोशिश है. लखमा जैसे ईमानदार आदमी कही नहीं मिलेंगे. आदिवासी आदमी है, वो निर्दोष साबित होंगे. इस मामले में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक केंद्रीय जांच एजेंसी है. चाहे वह छोटा आदमी हो या बड़ा आदमी हो, एजेंसी समान रूप से जांच करती है.

डहरिया ने कहा, विधानसभा में लखमा जी अच्छा बोलते हैं. प्रदेश के आदिवासी और गरीब तबके की आवाज उठाते हैं. कांग्रेस के नेताओं को टारगेट किया जा रहा है. ये कांग्रेस पार्टी को तोड़ने की साजिश है. गिरफ्तारी के बाद पार्टी की रणनीति पर डहरिया ने कहा, बिना जांच के कोई एजेंसी किसी को दोषी नहीं बता सकती. यदि ऐसा होता है तो पार्टी के वरिष्ठ नेता तय करेंगे आगे क्या करना है.

जांच में सहयोग करें लखमा : अरुण साव
कांग्रेस के बयान पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) एक केंद्रीय जांच एजेंसी है. जो जानकारी है वो जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए. चाहे वह छोटा आदमी हो या बड़ा आदमी हो, एजेंसी समान रूप से जांच करती है. जांच के जो तथ्य है, उसे स्पष्ट रूप से बताना चाहिए. लखमा के बयान पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि कवासी लखमा को ईडी ने पूछताछ के लिए बुलाया है तो जांच में सहयोग करें. अगर आप निर्दोष हैं तो उस तरह की बात कीजिए. ईडी सभी बातों पर विचार करेगी.

केंद्रीय जांच एजेंसी की प्रक्रिया पर रखें भरोसा
डिप्टी सीएम साव ने भूपेश बघेल के बयान पर कहा कि छत्तीसगढ़ का एक-एक व्यक्ति इस बात को जानता है कि प्रदेश में शराब घोटाला हो रहा था. कैसे शराब दुकानों में दो-दो काउंटर बने थे. नकली होलोग्राम का उपयोग किया गया था. कांग्रेस सरकार में एक आर्गनाइज क्रिमिनल सिंडिकेट बनाकर शराब घोटाले को अंजाम दिया गया. ये छत्तीसगढ़ के आम लोग जानते हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश में ये जांच कांग्रेस सरकार के रहते हुए शुरू हुई थी. जांच एक सतत प्रकिया है. केंद्रीय जांच एजेंसी की प्रकिया पर सभी को भरोसा करना चाहिए. जो तथ्य हैं वह ईडी को बताना चाहिए.

शराब घोटाला : कवासी और उनके बेटे के घर से ईडी को मिला है सबूत
बता दें कि छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के साथ उनके बेटे कवासी हरीश और तत्कालीन ओएसडी जयंत देवांगन से ईडी ने पूछताछ शुरू कर दी है. 28 दिसंबर को कवासी लखमा के साथ-साथ उनके पुत्र के निवास में छापा मारा था, जिसमें ईडी ने नकद लेन-देन के सबूत मिलने की जानकारी दी थी, जिसके साथ ही संपत्ति की जानकारी देने आज तक का समय दिया था.

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