पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में 3 और गिरफ्तार, कुल 6 आरोपी हुए हैं अरेस्ट, ठेकेदार के सेप्टिक टैंक में मिली लाश!

बीजापुर
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में बीते 2 दिनों से लापता स्थानीय पत्रकार मुकेश चंद्राकर का शव पुलिस ने बरामद कर लिया है. मुकेश की हत्या कर दी गई और उसकी लाश स्थानीय ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के यार्ड में मौजूद सैप्टिक टैंक से बरामद की गई है. मुकेश चंद्राकर मर्डर केस में 3 और गिरफ्तार, कुल 6 आरोपी हुए हैं अरेस्ट .

आरोप है कि ठेकेदार के भाई रितेश चंद्राकर नए साल के पहले दिन सुनियोजित तरीके से मुकेश चंद्राकर को अपने साथ यार्ड ले गया. इसके बाद अन्य आरोपियों के साथ मिलकर पत्रकार मुकेश के सिर पर कुल्हाड़ी से वार किया और फिर शरीर पर धारदार हथियार से वार कर उसकी हत्या कर दी. मर्डर के बाद पत्रकार के शव को सेप्टिक टैंक में फेंक दिया गया.

पत्रकारों के दबाव पर एक्शन में आई पुलिस
स्थानीय पत्रकारों के दबाव के बाद आखिरकार पुलिस ने संदेह के आधार पर ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के यार्ड में दबिश दी. इसके बाद कांक्रीट कर चुके सेप्टिक टैंक को तोड़कर मुकेश के शव को बाहर निकाला गया. फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.

शनिवार (4 जनवरी) को पत्रकार मुकेश चंद्राकर के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा. इस घटना के बाद छत्तीसगढ़ के पत्रकारों में काफी रोष है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह, पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज समेत पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस घटना पर दुःख जताया है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बीजापुर पुलिस को हत्या के आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

हत्या के बाद शव सेप्टिक टेंक में डाला
बीजापुर के स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि मुकेश चंद्राकर की हत्या में ठेकेदार सुरेश चंद्राकर और उसके भाई रितेश चंद्राकर की अहम भूमिका है. इस  मामले में संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, लेकिन आरोपी चंद्राकर भाइयों को पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है. बीजापुर के पत्रकारों की बात मानें तो यह सुनियोजित हत्या है.

मुकेश चंद्राकर ने 1 जनवरी को सभी पत्रकारों को सोशल मीडिया के माध्यम से नए साल की शुभकामनाएं दीं. उसी दिन ठेकेदार  रितेश चंद्राकर ने उसे फोन करके बुलाया और बस स्टैंड के पीछे चट्टानपारा में अपने यार्ड में ले गया. यहां पूरी बाउंड्री है. घटना स्थल पर ऐसा कोई सुराग नहीं जिसे देख कर लगे कि यहां हत्या हुई है.

हत्यारों ने मुकेश चंद्राकर के माथे पर कुल्हाड़ी से वार किया. सिर पर चोट का गहरा निशान है. सिर के पीछे और सीने पर भी धारदार हथियार से वार हुआ है. इसके बाद सेप्टिक टैंक में शव को फेंका गया और टैंक पर मोटी कंक्रीट बिछा दी गई. पुलिस ने जेसीबी से टैंक तोड़ कर शव को बाहर निकाला है.

एसपी ने कहा- जल्द होगी गिरफ्तारी
बस्तर के पत्रकारों का कहना है कि ठेकेदार और इस हत्या से जुड़े सभी लोगों पर कड़ी कारवाई होनी चाहिए. साथ ही, उसके जो भी वैध-अवैध निर्माण हैं, उन पर बुलडोजर चलना चाहिए. एसपी जीतेंद्र यादव का कहना है कि इस प्रकरण में किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा. कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी. हत्या में जो भी लोग शामिल हैं, उनको जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाएगा.

क्या था मामला?
बीजापुर के स्थानीय पत्रकार मुकेश चंद्राकर बीते 1 जनवरी को रात 8 बजे से लापता था और फोन भी स्विच ऑफ मिला. दूसरे दिन 2 जनवरी को मुकेश चंद्राकर के भाई यूकेश चंद्राकर ने अपने भाई की गुमशुदगी की रिपोर्ट बीजापुर कोतवाली में दर्ज कराई और 3 जनवरी को मुकेश की लाश पुलिस ने बरामद की. फिलहाल, आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही पता चल पाएगा कि आखिरकार रीतेश चंद्राकर के साथ अन्य आरोपियों ने मुकेश की हत्या क्यों की?

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