छत्तीसगढ़-बीजापुर में भ्रष्टाचार उजागर करने पर पत्रकार मुकेश की नृशंस हत्या

बीजापुर/रायपुर।

एक तारीख की शाम से लापता बीजापुर के पत्रकार मुकेश चंद्राकर का शव शुक्रवार देर शाम सडक़ ठेकेदार सुरेश-रितेश चंद्राकर के एक बाड़े में सेप्टिक टैंक से बरामद किया गया। मुकेश के लापता होने की शिकायत परिजनों ने बीजापुर पुलिस से की थी। इस शिकायत के बाद से मुकेश की लगातार तलाश की जा रही थी।

शुक्रवार को जब पुलिस और पत्रकार सुरेश चंद्राकर के बाड़े में पहुंचे तो पाया कि वहां पर एक सेप्टिक टैंक में ताजा-ताजा ढलाई की गई है। इससे शक गहराया और जब टैंक को खुलवाया गया तो देर शाम उससे मुकेश का शव बाहर आया। उनके सीने पर धारदार हथियार से आधा दर्जन वार के निशान मिले हैं। इसके बाद पुलिस ने मुकेश की हत्या की पुष्टि की। परिजनों ने आरोपियों पर सुनियोजित तरीके से हत्या का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि मुकेश ने कुछ दिन पूर्व ठेकेदार सुरेश चंद्राकर के सडक़ निर्माण पर खबर चलाई थी। उससे जुड़े भ्रष्टाचार की खबर उजागर की थी।

1 जनवरी की रात से था लापता
पुलिस के मुताबिक मुकेश 1 जनवरी की शाम टी-शर्ट और शॉर्ट्स में ही घर से बाहर निकले थे। कुछ देर के बाद उनका फोन बंद हो गया। जब रात तक घर नहीं लौटे तो उनके भाई और पत्रकार युकेश चंद्राकर ने करीबियों के घर, शहर में अलग-अलग जगह पता लगाया, लेकिन मुकेश चंद्राकर की कोई खबर नहीं मिली। जिसके बाद भाई युकेश चंद्राकर ने पुलिस थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। मुकेश की हत्या से आक्रोशित बस्तर के पत्रकारों ने शनिवार को बीजापुर बंद और चक्काजाम का आह्वान किया है। पत्रकारों ने सुरेश चंद्राकर की सभी संपत्तियों को जब्त करने और उसके सभी खातों को सील करने की मांग की है।

अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा: साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि इस घटना के अपराधी को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी से कड़ी सजा देने के निर्देश हमने दिए हैं। मुख्यमंत्री ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि मुकेश जी का जाना पत्रकारिता जगत और समाज के लिए एक अपूरणीय क्षति है।

परिवार को कांग्रेस नेता पर शक
घटना के बाद कांग्रेस नेता सुरेश और उसका छोटा भाई रीतेश चंद्राकर फरार है। उसकी थार गाड़ी को हैदराबाद से बरामद किया गया है। मुकेश के बड़े भाई युकेश भी पत्रकार हैं। उन्होंने बताया कि एक जनवरी की रात साढ़े आठ बजे तक मुकेश घर पर था। मगर देर रात कुछ लोग उसे बुलाने पहुंचे। इसके बाद से वह लापता था। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। परिवार ने हत्याकांड के पीछे कांग्रेस नेता सुरेश के होने का शक जताया है।

भ्रष्टाचार को मुकेश चंद्राकर ने उजागर किया
कांग्रेस नेता सुरेश मूलरूप से बासागुड़ा का रहने वाला है। मगर सलवा जुड़ूम आंदोलन के बाद उसका परिवार बीजापुर में रहने लगा। यहां सुरेश ने ठेकेदारी का काम शुरू किया। देखते ही देखते वह बड़ा ठेकेदार बन गया। 2021 में हेलीकॉप्टर से बरात ले जाने पर वह चर्चा में आया था। यह बात भी सामने आ रही है कि मुकेश और सुरेश आपस में रिश्तेदार थे। कांग्रेस नेता एवं ठेकेदार सुरेश ने कुछ दिन पहले ही गंगालूर रोड का निर्माण कराया था। मगर इसमें हुए भ्रष्टाचार को मुकेश चंद्राकर ने उजागर किया था। मुकेश की रिपोर्ट के बाद ही प्रशासन ने मामले की जांच शुरू की। कहा जा रहा है कि सुरेश इसी वजह से पत्रकार मुकेश से खफा था।

दीपक बैज बोले- पत्रकार भी सुरक्षित नहीं
वहीं पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या की प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कड़ी निंदा करते हुए कहा कि प्रदेश में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं है। प्रदेश की बिगड़ती कानून व्यवस्था अब असहनीय हो चुकी है।
बैज ने कहा राजधानी से शुरू हुआ हत्याओं का खौफनाक मंजर अब बस्तर तक पहुंच गया है। मुख्यमंत्री की बस्तर में मौजूदगी के दौरान ही जगदलपुर में एक चिकित्सक की पत्नी की हत्या हो गई। प्रदेश की बिगड़ चुकी कानून व्यवस्था का शिकार अब लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी हो रहा है। पत्रकार को अपनी निष्पक्ष पत्रकारिता की कीमत जान देकर चुकानी पड़ रही है।

बीजेपी ने ट्वीट कर कही ये बात
""बीजापुर पत्रकार मुकेश चंद्राकर जी का हत्यारा मुख्य आरोपी कांट्रेक्टर सुरेश चंद्राकर कांग्रेस पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज का खास आदमी हैं। दीपक बैज ने ही सुरेश को कांग्रेस पार्टी के SC मोर्चा का प्रदेश सचिव का पद देकर नवाजा भी हैं।
    हत्यारी कांग्रेस या कांग्रेस के हत्यारे..…""
    — BJP Chhattisgarh (@BJP4CGState) January 3, 2025

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