बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में जसप्रीत बुमराह बने ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’, जानिए उनके रिकॉर्ड्स और आंकड़े

सिडनी

 भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पांच मैचों की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का समापन हो गया. सिडनी में खेले गए अंतिम मैच में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 6 विकेट से हरा दिया. इसी मैच में रोहित शर्मा की जगह टीम इंडिया की अगुवाई कर रहे जसप्रीत बुमराह चोटिल हो गए, जिसके बाद उन्हें मैदान से बाहर ले जाते हुए देखा गया. कई तरह की टिप्पणियां उनकी चोट पर की गईं. लेकिन अब बुमराह ने आज रविवार को अपनी पीठ की चोट पर चुप्पी तोड़ी और कहा कि वह ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अंतिम पारी में “स्पाइसी विकेट” पर गेंदबाजी नहीं कर पाए.  बुमराह की यह टिप्पणी पूरी सीरीज में 151.2 ओवर में 32 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द सीरीज का पुरस्कार जीतने के बाद आई है.

बुमराह ने पोस्ट मैच समारोह में पुरस्कार लेते हुए कहा, “कभी-कभी आपको अपने शरीर का सम्मान करना चाहिए, आप अपने शरीर से नहीं लड़ सकते. यह निराशाजनक है. मैं शायद सीरीज के सबसे स्पाइसी विकेट से चूक गया.” ऑस्ट्रेलिया को अंतिम दिन जीत के लिए 162 रन बनाने थे. लेकिन बुमराह चोटिल हो गए और पूरी सीरीज में अपनी जानदार बॉलिंग से कंगारू टीम पर कहर ढाने वाले स्पीड स्टार आखिरी मैच की पहली पारी में बाहर हो गए. 31 वर्षीय जब बुमराह से चोट की चिंता के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “पहली पारी में दूसरे स्पैल के दौरान मुझे थोड़ी असहजता महसूस हुई.”

पहले भी चोटिल हो चुके हैं बुमराह

इसी सीरीज में बुमराह को दूसरी बार और टेस्ट करियर में तीसरी बार चोट लगी है.  भारतीय टीम की अगुआई करने वाले बुमराह को पांचवें टेस्ट के दूसरे दिन चोट लग गई थी और उन्हें तुरंत स्कैन के लिए एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया था. शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए उनके साथी प्रसिद्ध कृष्णा ने बताया कि तेज गेंदबाज की पीठ में ऐंठन हुई है. बुमराह को 2022 में पीठ के निचले हिस्से में चोट लगी थी, जिसके कारण वह 2023 तक लगभग एक साल तक क्रिकेट से बाहर रहे और मार्च 2023 में उनकी पीठ की सर्जरी हुई थी.

सिडनी टेस्ट में कैसा रहा अंतिम दिन का हाल

इससे पहले रविवार को चोटिल बुमराह ने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर तीसरे दिन वार्म-अप नहीं किया. भारत के आठ विकेट गिरने के बाद वे बल्लेबाजी करने उतरे, लेकिन तीन गेंदों पर बिना कोई रन बनाए आउट हो गए. ऑस्ट्रेलिया ने भारत को 157 रन पर आउट करने में केवल 45 मिनट में समेट दिया. भारतीय टीम ने कल के स्कोर 141 रन में केवल 16 रन पर ही चारों विकेट गंवा दिए. स्कॉट बोलैंड ने भारत की दूसरी पारी में 45 रन देकर 6 विकेट लिए जबकि मैच में कुल 10 विकेट चटकाए.

ऑस्ट्रेलिया के 162 रनों के सफल पीछा के दौरान बुमराह मैदान पर नहीं उतरे. विराट कोहली की अगुवाई में भारत को एक उम्मीद दिखी, जब प्रसिद्ध कृष्णा ने 58 रन पर ही ऑस्ट्रेलिया के तीन विकेट निकाल दिए. लेकिन उस्मान ख्वाजा ने 41 रन की पारी खेली, जिसके बाद ट्रेविस हेड (नाबाद 34) और पदार्पण कर रहे ब्यू वेबस्टर (नाबाद 39) ने टीम को जीत दिला दी.

द. अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच होगा WTC फाइनल का मुकाबला

इस जीत के साथ भारत का लगातार तीसरी बार विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया. अब ऑस्ट्रेलिया जून में लॉर्ड्स में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल में अपने खिताब का बचाव करेगा, जो उसने 2023 में भारत को हराकर हासिल किया था.

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