सुप्रीम कोर्ट ने अमेजन-फ्लिपकार्ट की याचिकाएं कर्नाटक हाईकोर्ट ने कीं ट्रांसफर

नई दिल्ली।

सुप्रीम कोर्ट ने ई-कॉमर्स कंपनियों अमेजन और फ्लिपकार्ट की सीसीआई (कंपटीशन कमीशन ऑफ इंडिया) जांच के खिलाफ दायर याचिकाओं को कर्नाटक उच्च न्यायालय स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्जल भुइंया की पीठ ने कहा कि यदि स्थानांतरित याचिकाओं में से कुछ में दलीलें पूरी नहीं हुई हैं, तो मामले को देखते हुए न्यायाधीश दलीलें पूरी करने के लिए उचित समय दिया जाए।

सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि निष्पक्ष व्यापार नियामक 'भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई)' द्वारा याचिका दायर किए जाने के बाद, विभिन्न उच्च न्यायालयों में याचिकाएं दायर की गई हैं। जिस पर शीर्ष अदालत ने निर्देश दिया कि इन याचिकाओं को कर्नाटक हाईकोर्ट में स्थानांतरित किया जाए। पीठ ने कहा, अगर इसके बाद किसी अन्य उच्च न्यायालय में इसी तरह की याचिकाएं दायर की जाती हैं, तो वे भी इस आदेश के अंतर्गत आएंगी।' पीठ ने माना कि रिट याचिका में जो मामला उठाया गया है, वो ही मामला कर्नाटक उच्च न्यायालय में दायर याचिका में है। ऐसे में पीठ ने सभी याचिकाएं कर्नाटक उच्च न्यायालय को स्थानांतरित करने का आदेश दिया।

क्या है ये पूरा मामला
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग ने जनवरी 2020 में प्रतिस्पर्धा कानून 2002 के तहत एक जांच शुरू की थी। यह जांच दिल्ली व्यापार महासंघ की शिकायत पर शुरू की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अमेजन और फ्लिपकार्ट जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों ने चुनिंदा विक्रेताओं को वरीयता दी, जिससे अन्य विक्रेताओं को नुकसान हुआ। महासंघ ने दावा किया कि जिन विक्रेताओं को फायदा पहुंचाया गया, वो ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़े हुए थे। प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच के खिलाफ अमेजन और फ्लिपकार्ट ने कर्नाटक उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। हालांकि उच्च न्यायालय ने प्रतिस्पर्धा आयोग की जांच में दखल देने से इनकार कर दिया। अगस्त 2024 में आयोग ने जांच पूरी की और ये पाया कि ई-कॉमर्स कंपनियों  ने प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन किया था।

हालांकि इसके बाद अमेजन और फ्लिपकार्ट के विक्रेताओं ने सीसीआई की जांच पर सवाल उठाते हुए देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में याचिकाएं दायर कीं। इस पर सीसीआई ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर बताया कि देश के विभिन्न उच्च न्यायालयों में 24 याचिकाएं लंबित हैं। ऐसे में सुनवाई में देरी से बचने के लिए सभी याचिकाएं दिल्ली उच्च न्यायालय में स्थानांतरित कर दी जाएं। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने 13 दिसंबर की सुनवाई में सभी याचिकाओं को दिल्ली उच्च न्यायालय स्थानांतरित करने से इनकार कर दिया। अब सुप्रीम कोर्ट ने सभी याचिकाओं को कर्नाटक उच्च न्यायालय स्थानांतरित करने का आदेश दिया है।

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