तिरुपति जिले में 108 एंबुलेंस ने श्रद्धालुओं के समूह को टक्कर मार दी, दो महिलाओं की हुई मौत

तिरुपति
तिरुपति जिले में सोमवार को एक 108 एंबुलेंस ने श्रद्धालुओं के समूह को टक्कर मार दी। इस हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एंबुलेंस ने पैदल तिरुमाला मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं के एक समूह को टक्कर मार दी। यह दुर्घटना चंद्रगिरी मंडल के नरसिंहपुरम के पास हुई। हादसे में दो महिलाओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य श्रद्धालु घायल हो गए।

मृतक महिलाओं की पहचान अन्नामय्या जिले के रामसमुद्रम मंडल के चंपलपल्ली निवासी पेड्डा रेड्डम्मा (40) और लक्ष्मम्मा (45) के रूप में हुई है। वहीं, घायलों को तिरुपति के रुइया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। श्रद्धालु पुंगनूर से तिरुमाला स्थित श्री वेंकटेश्वर मंदिर जा रहे थे, जबकि एंबुलेंस मदनपल्ली से एक मरीज को लेकर तिरुपति जा रही थी। दुर्घटना का सटीक कारण अभी पता नहीं चल पाया है। पुलिस को संदेह है कि इलाके में घना कोहरा होने के कारण यह दुर्घटना हुई। चंद्रगिरी पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बता दें कि कई भक्त अलग-अलग स्थानों से पैदल चलकर तिरुमाला के प्रसिद्ध पहाड़ी मंदिर तक पहुंचते हैं। आंध्र प्रदेश और अन्य राज्यों के विभिन्न हिस्सों से हजारों भक्त हर दिन मंदिर में दर्शन के लिए आते हैं।

इस बीच, रविवार देर रात बापटला जिले में एक घर में आग लगने से दो महिलाओं की मौत हो गई। यह घटना परचूर के तुरपु बाजार में आधी रात के बाद हुई। आग में दो बहनों की मौत हो गई, जबकि उनकी मां घायल हो गई। मृतकों की पहचान नागमणि (34) और माधवी लता (30) के रूप में हुई है। घायल को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस को संदेह है कि आग शॉर्ट सर्किट के कारण लगी।

 

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति