पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में एयर स्ट्राइक को ठहराया जायज, कहा- जरुरत पढ़ने पर फिर करेंगे ऐसे हमले

इस्लामाबाद
पाकिस्तान ने सोमवार को अफगानिस्तान के पक्तिका प्रांत में अपनी हालिया एयर स्ट्राइक को उचित ठहराया। सरकार ने सोमवार को कहा कि यदि जरूरी हुआ तो वह तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के ठिकानों को निशाना बनाने के लिए अफगान क्षेत्र के अंदर ऐसे और हमले करेगी। राजनीतिक मामलों पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के विशेष सहायक राणा सनाउल्लाह ने सोमवार को स्थानीय मीडिया से कहा, "यदि अफगानिस्तान की धरती का इस्तेमाल पाकिस्तान पर हमला करने के लिए किया जाता है तो हमारे पास इन ऑपरेशन को जारी रखने का कानूनी अधिकार है।"

24 दिसंबर को अफगानिस्तान के अंदर पाकिस्तानी एयर स्ट्राइक में कई महिलाओं और बच्चों सहित 46 लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान की इस कार्रवाई की दुनिया भर में आलोचना हुई और युद्धग्रस्त देश में तालिबान शासन की ओर से उसे कड़ी चेतावनी दी गई। हमला पक्तिका प्रांत के बरमल जिले के कुछ हिस्सों पर किया गया था। यह 2024 में इस्लामाबाद की तरफ से अफगान नागरिक क्षेत्र पर सीधे हमला करने का दूसरा मामला था। मार्च 2024 में इसी तरह के हमले में तीन बच्चों सहित आठ लोगों की मौत हो गई थी।

सनाउल्लाह का बयान ऐसे समय में आया है जब इस्लामाबाद ने टीटीपी और अन्य 'राज्य विरोधी आतंकवादी समूहों' के खिलाफ अपने 'आतंकवाद विरोधी अभियान' तेज कर दिए है। पाकिस्तान का अफगान तालिबान पर आरोप है कि वह टीटीपी विद्रोहियों को सुरक्षित पनाहगाह उपलब्ध कराने और उनकी आतंकवादी गतिविधियों का समर्थन करता है। हालांकि काबुल इन आरोपों का खंडन करता आया है। इस टिप्पणी को हवाई हमलों के बाद से पाकिस्तान के खिलाफ विभिन्न तालिबान नेताओं द्वारा बार-बार दी गई धमकियों के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है।

हवाई हमलों के दो दिन बाद कार्यवाहक अफगान विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने कहा, 'अफगान अपने क्षेत्र पर हमले को नहीं भूलेंगे।' उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी शासकों को एक संतुलित नीति अपनानी चाहिए। सोवियत आक्रमण की 45वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में अपने भाषण के दौरान मुत्ताकी ने पाकिस्तान को 'सोवियत संघ और संयुक्त राज्य अमेरिका के अंजाम से सीखने' की सलाह दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अफगानिस्तान कभी भी हमले को स्वीकार नहीं करेगा।

मुत्ताकी ने पाकिस्तान के लोगों से अपने शासकों की गलत नीतियों को रोकने की अपील भी की। अफगानिस्तान के राजनीतिक मामलों के उप विदेश मंत्री शेर मोहम्मद अब्बास स्टानिकजई ने पिछले दिनों चेतावनी दी थी कि अफगानिस्तान में ऐसे लड़ाके हैं जो "परमाणु बम" की तरह काम कर सकते हैं। शनिवार को काबुल में एक स्नातक समारोह को संबोधित करते हुए स्टानिकजई ने कहा, "इस्लामाबाद को अपने पश्चिमी पड़ोसी के धैर्य की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। हमारे पास परमाणु बम के बराबर क्षमता वाले लड़ाके हैं।"

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