डॉक्टर हत्याकांड: मुख्य आरोपी का सरेंडर, विग के कारण चकमा खाती रही पुलिस

इंदौर
राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में होम्योपैथिक डॉक्टर सुनील साहू की हत्या करवाने वाले वकील संतोष शर्मा ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है। आरोपी की घटना के बाद से ही तलाश की जा रही थी, लेकिन वह चकमा दे रहा था। आरोपी संतोष ने डॉक्टर की पत्नी के साथ संबंध होने के चलते डॉक्टर की हत्या की थी। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद सीसीटीवी फुटेज में जो गाड़ी नजर आई थी, वह संतोष की थी।

होता था विवाद, पत्नी भी हत्या में शामिल

  • संतोष और डॉक्टर की पत्नी के बीच तीन वर्ष से संबंध है। डाक्टर और पत्नी सोनाली के बीच इस बात को लेकर अक्सर विवाद होता रहता था। पत्नी ने संतोष के साथ मिलकर ठान लिया था कि डॉक्टर की हत्या करना है।
  • पुलिस के मुताबिक, सोमवार दोपहर 12.30 बजे आरोपी संतोष ने जिला कोर्ट में सरेंडर किया। अब तक पत्नी सोनाली, वकील मनोज सुमन निवासी उज्जैन, वेटरनरी डाक्टर प्रकाश यादव निवासी अलीगढ़, शूटर संग्राम सिंह गिरफ्तार हो चुके हैं।
  • घटना में शूटर हुल्ला उर्फ हुल्लन फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। पुलिस ने बताया कि डॉक्टर की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी मनोज की तकनीकी रूप से मदद कर रहा था।
  • वह पुलिस को गुमराह करने के लिए संतोष के मोबाइल को उज्जैन में ही चला रहा था। उज्जैन में अलग-अलग लोकेशन पर उसके द्वारा कई मोबाइल मोबाइल चालु किया गया था। ताकि पुलिस को लगे कि संतोष उज्जैन में ही है।

यह था घटनाक्रम, 27 दिसंबर को शहर में फैल गई थी सनसनी

  • एसीपी रूबिना मिजबानी ने बताया कि 27 दिसंबर की रात में कुंदन नगर स्थित क्लीनिक पर डॉ. सुनील साहू की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस पर आरोपितों की तलाश के लिए हमने विभिन्न टीम बनाई थी। उज्जैन, नई दिल्ली, अलीगढ़ आदि स्थानों पर भी टीम भेजी थी।
  • घटना में पता चला था कि दो आरोपियों ने गोली लगाई थी। इसके बाद गाड़ी का पता लगाया, जिसमें बैठकर आरोपी फरार हुए थे। पता चला कि प्रेम प्रसंग के कारण घटना हुई है।
  • परिवार के सदस्य ने भी बयान में बताया कि पत्नी सोनाली के किसी से बात करती थी, जिसे लेकर घर में विवाद होते थे। विवाद के दौरान पत्नी से संतोष के साथ मिलकर डॉक्टर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी।

चार माह से बना रहे थे योजना
पुलिस के मुताबिक पत्नी और संतोष करीब चार माह से डॉक्टर को मारने की योजना बना रहे थे। इसके लिए संतोष ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई। अलीगढ़ में रहने वाले अपने मित्र से संपर्क किया और 1.40 लाख रुपये में शूटर किए।दो माह पहले भी फरार आरोपी महिला डॉक्टर के क्लिनिक पर हत्या करने के लिए गया था, लेकिन उसे मौका नहीं मिल पाया।

विग निकालकर घुम रहा था आरोपी
पुलिस के पास आरोपी संतोष का विग लगा हुआ फोटो था, लेकिन घटना के बाद से ही वह विग निकालकर घुम रहा था। इसके कारण उसे पहचानना मुश्किल हो रहा था।

आरोपी ने रेलवे स्टेशन पर भी रातें गुजारी है, लेकिन हुलिए में बदलाव के कारण पहचान नहीं पा रहे थे। वहीं कोर्ट में सफेद शर्ट पहनकर आरोपी ने सरेंडर किया है। आरोपी को नौ जनवरी तक पुलिस ने रिमांड पर लिया है।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति