हूतियों के कब्जे से भारतीय नर्स निमिषा प्रिया को छुड़ाने में मदद करेगा ईरान

सना/नई दिल्ली.

केरल की नर्स निमिषा प्रिया को यमन में मौत की सजा सुनाई गई गई है। हाल ही में ये खबर आई थी कि यमनी नागरिक की हत्या के मामले में निमिषा की फांसी को राष्ट्रपति ने मंजूरी दी है। इस पर यमन दूतावास ने सफाई देते हुए कहा है कि राष्ट्रपति रशद मोहम्मद अल-अलीमी ने सजा की पुष्टि नहीं की है।

इसकी वजह ये है कि निमिषा राजधानी सना की जेल में बंद है, यह हूती विद्रोहियों के कब्जे वाला इलाका है। ऐसे में यह यमनी राष्ट्रपति के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है। निमिषा की सजा पर फैसला हूतियों का प्रशासन ही लेगा।
यमन के दूतावास ने सोमवार को भारत में जारी बयान बयान में कहा कि निमिषा का पूरा केस मामला हूती विद्रोहियों की कोर्ट में ही चला है। प्रिया की मौत की सजा को मंजूरी हूती सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल के नेता मेहदी अलमशात ने की है। इसमें यमनी राष्ट्रपति का कोई हस्तक्षेप नहीं है। भारतीय नर्स निमिषा की सजा पर आगे का फैसला हूतियों की सरकार को लेना है।

ईरान से आखिरी उम्मीद!
हूतियों से निमिषा को फांसी से माफी दिलाने में ईरान से भारत को मदद की आखिरी उम्मीद की तरह है। इजरायल और अमेरिका से लाल सागर में लड़ रहे हूतियों को ईरान का समर्थन मिलता रहा है। ऐसे में ईरान का दखल इस मामले में अहम हो सकता है। ईरान की ओर से निमिषा की मदद की बात कही गई है। एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा है कि निमिषा के लिए हम जो भी अच्छा से अच्छा कर सकते हैं, वो करेंगे। निमिषा प्रिया केरल के पलक्कड़ जिले की रहने वाली हैं। वह एक दशक से ज्यादा समय से यमन में हैं। प्रिया पर 2017 में तलाल महदी नाम के यमनी नागरिक की हत्या का आरोप लगा और 2018 में उन्हें दोषी पाया गया और मौत की सजा सुनाई गई। इसके बाद से निमिषा को बचाने की कोशिश हो रही है। सेव निमिषा प्रिया इंटरनेशनल एक्शन काउंसिल की ओर से भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई गई है। निमिषा के वकील और परिवार ने ब्लड मनी देने की भी पेशकश की है। निमिषा के वकील सुभाष चंद्रन ने कहा कि हम ब्लड मनी के तौर पर कोई भी रकम पीड़ित देने को तैयार है। उन्होंने कहा कि यह मामला काफी पेचीदा है क्योंकि यमन में हूती विद्रोहियों का कब्जा है और वहां की स्थिति अस्थिर है। इसलिए निमिषा को रिहा करवाने के लिए भारत सरकार को काफी कूटनीतिक प्रयास करने होंगे।

admin

Related Posts

645 हमले, एक साल! बांग्लादेश में हिंदू उत्पीड़न पर यूनुस सरकार की चौंकाने वाली रिपोर्ट

ढाका बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने सोमवार को कहा कि 2025 के दौरान देश में अल्पसंख्यक समुदायों के सदस्यों से जुड़ी अधिकतर घटनाएं 'आपराधिक प्रकृति' की थीं और उनका सांप्रदायिक…

बंगाल SIR पर सुप्रीम टिप्पणी: CJI सूर्यकांत बोले– जनता के मानसिक दबाव को समझे चुनाव आयोग

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने आज (सोमवार,19 जनवरी को) भारत निर्वाचन आयोग (ECI) को साफ निर्देश दिया कि पश्चिम बंगाल में चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के दौरान…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी

गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी

वसंत पंचमी 2026: करियर को मिले रॉकेट जैसी रफ्तार, अपनाएं ये 5 खास उपाय

वसंत पंचमी 2026: करियर को मिले रॉकेट जैसी रफ्तार, अपनाएं ये 5 खास उपाय

आज का दिन कैसा रहेगा? 19 जनवरी का संपूर्ण राशिफल

आज का दिन कैसा रहेगा? 19 जनवरी का संपूर्ण राशिफल