2017 के बाद देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने डिग्री का शुल्क बढ़ाया, लगेंगे एक हजार रुपये

इंदौर
विद्यार्थियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए देवी अहिल्या विश्वविद्यालय ने बरसों पुरानी डिग्री जारी करने की व्यवस्था में बदलाव कर दिया है। अब तीन दिन के भीतर विद्यार्थियों को डिग्री मिल सकेंगी।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने पहली मर्तबा तत्काल डिग्री सेवा शुरू की है। इसके लिए विद्यार्थियों को एक हजार रुपये शुल्क देना होगा। अधिकारियों के मुताबिक आवेदन करने के बाद कार्यालयीन दिवस में डिग्री बनाकर देंगे। दरअसल कुछ सालों से यूपीएससी-पीएससी की भर्ती परीक्षाओं में डिग्री अनिवार्य की गई है।

जल्द डिग्री बनाने के लिए लगाते थे गुहार
परीक्षा की अधिसूचना के बाद विद्यार्थी डिग्री के लिए आवेदन करते हैं। जल्द डिग्री बनाने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन से गुहार लगाते थे। कई बार आवेदक उच्च अधिकारियों और नेताओं तक की सिफारिश लगवाते हैं।

विद्यार्थियों को इन सभी कठिनाइयों से राहत दिलाने के लिए तीन महीने पहले विश्वविद्यालय ने तत्काल डिग्री देने का प्रस्ताव बनाया। कार्यपरिषद से मंजूरी मिलने के बाद डिग्री से जुड़ी नई व्यवस्था लागू की गई।

अधिकारियों के मुताबिक तत्काल डिग्री सेवा शुरू करने से विद्यार्थियों को किसी की सिफारिश की जरूरत नहीं होगी। साथ ही विश्वविद्यालय का राजस्व भी बढ़ेगा।
2017 के बाद बढ़ाया शुल्क

तत्काल डिग्री सेवा के अलावा सामान्य डिग्री व्यवस्था में भी विश्वविद्यालय ने परिवर्तन किया है। इसके तहत 200 रुपये शुल्क बढ़ाया गया है। अभी तक अंग्रेजी और हिंदी में डिग्री प्राप्त करने पर विद्यार्थियों को 300 रुपये देने होते थे, जो अब बढ़कर 500 रुपये जमा करने होंगे।

विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव डॉ. विष्णु मिश्रा का कहना है कि 2017 के बाद विश्वविद्यालय ने डिग्री का शुल्क बढ़ाया है। सात वर्षों से 300 रुपये प्रति डिग्री शुल्क वसूला जा रहा है।

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