दुनिया भर के खिलाड़ियों में ग्लोबल इंडियन प्रवासी कबड्डी लीग को लेकर उत्साह

गुरुग्राम
ग्लोबल इंडियन प्रवासी कबड्डी लीग (जीआई-पीकेएल) पूरे विश्व में धूम मचा रही है और अपने प्लेयर ड्राफ्ट और सीज़न की शुरुआत से पहले ही वैश्विक स्तर पर चर्चा में है। मिस्र, केन्या, अर्जेंटीना, ताइवान और पोलैंड जैसे देशों की भागीदारी के चलते जीआई-पीकेएल में खेलने के इच्छुक खिलाड़ियों की होड़ सी लग गई है।

सॉविन नरवाल, संदीप कंडोला, अजय कुमार और कपिल नरवाल जैसे भारतीय खिलाड़ी पहले से ही लीग का हिस्सा हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वर्ण पदक विजेता एम अनिता, इंद्रा रोहिणी, अरुल संथिया और सेल्वरेबिक्शा जैसे खिलाड़ियों के साथ ही सुनील नरवाल, शिव कुमार और विकास दहिया, आंध्र प्रदेश के रेडर वेंकटेश्वर गौड़ जैसे खिलाड़ी भी मैदान में शिरकत करते नजर आएंगे।

भागीदारी को लेकर खिलाड़ियों के उत्साह पर बोलते हुए होलिस्टिक इंटरनेशनल प्रवासी स्पोर्ट्स एसोसिएशन की अध्यक्ष कांथी डी. सुरेश ने कहा, जीआई-पीकेएल को लेकर उत्साह कबड्डी की लोकप्रियता और संस्कृतियों को एकजुट करने और बाधाओं को तोड़ने की शक्ति को उजागर करता है। वैश्विक और घरेलू खिलाड़ियों की जबरदस्त प्रतिक्रिया कबड्डी के लिए एक समावेशी और गतिशील मंच बनाने के हमारे दृष्टिकोण को रेखांकित करती है।''

जीआई-पीकेएल उद्घाटन सत्र में 6 महिला और 6 पुरुष टीमें शामिल होंगी। प्रत्येक टीम भारत की संस्कृति और भाषाई समृद्धि का प्रतीक है। टीमों की क्षेत्रीय पहचान बनाए रखने के लिए उनको उसी हिसाब से नामित किया गया है।

तेलुगु और तमिल टीमों का स्वामित्व टॉलीवुड और क्रिकेट की हस्तियों के पास होने की संभावना है। प्रत्येक फ्रेंचाइजी के पास पुरुष और महिला दोनों टीमें होंगी, जो कि समानता और समावेशिता को बढ़ावा देने वाली, कबड्डी में अपनी तरह की पहली व्यवस्था है।

दिसंबर 2024 में ग्लोबल प्रवासी कबड्डी लीग (जीपीकेएल) और इंडियन प्रीमियर कबड्डी लीग (आईपीकेएल) का विलय हुआ था, जिससे जीआई-पीकेएल का निर्माण हुआ, जहां पुरुष और महिलाएं दोनों एक ही मैट आकार पर प्रतिस्पर्धा करेंगे, जो कि कबड्डी इतिहास में पहली बार होने जा रहा है। जिसके बाद से ही कबड्डी जगत में इसका हिस्सा बनने को लेकर काफी उत्सुकता देखी जा रही है। लगभग एक महीने तक चलने वाली इस लीग के पहले सीज़न में कुल 66 मैच खेले जाएंगे।

लीग में हिस्सा ले रही टीमें इस प्रकार हैं:-

महिला टीमें: मराठी फाल्कंस, भोजपुरी लेपर्ड्स, तेलुगु पैंथर्स, तमिल लायंस, पंजाबी टाइगर्स, हरियाणवी ईगल्स

पुरुष टीमें: मराठी वल्चर्स, भोजपुरी लेपर्ड्, तेलुगु पैंथर्स, तमिल लायंस, पंजाबी टाइगर्स, हरियाणवी शार्कस।

 

  • admin

    Related Posts

    AUS vs PAK क्लैश: विश्व कप वार्म-अप में कौन दिखाएगा असली दम?

    नई दिल्ली टी20 विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान के बीच 3 मैच की सीरीज गुरुवार से शुरू हो रही है। इसके जरिए पाकिस्तानी टीम को विश्व कप की…

    तारीफ कम पड़ेगी — अभिषेक शर्मा ने पावर हिटिंग में क्रिस गेल को छोड़ा पीछे, कैफ का बड़ा बयान

    नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने युवा सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा है कि वह निरंतरता के साथ आक्रामक बल्लेबाजी के…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति