चुनाव से पहले अरविंद केजरीवाल का बड़ा सनातन दांव, कर दिया ‘सनातन सेवा समिति’ के गठन का ऐलान

नई दिल्ली
दिल्ली में विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी (आप) ने बड़ा दांव चल दिया है। पार्टी ने 'सनातन सेवा समिति' के गठन का ऐलान किया है। इसे भाजपा के 'मंदिर प्रकोष्ठ' का जवाब माना जा रहा है। अरविंद केजरीवाल की मौजूदगी में भाजपा के मंदिर प्रकोष्ठ के कई सदस्यों को इस विंग में शामिल भी किया गया। पुजारियों और ग्रंथियों को मासिक 18 हजार रुपए का ऐलान कर चुकी पार्टी ने कई संतों की मौजूदगी में नई विंग की घोषणा की।

आम आदमी पार्टी के कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में संतों का स्वागत किया गया जिनमें जगतगुरु रामानुजाचार्य, स्वामी योगेश्वर महाराज, स्वामी अवधेश महाराज, कथावाचक आचार्य श्री मधुर दास जी महाराज, बालाजी महंत महेश चंद्र जी महाराज समेत अनेक संत और पुजारी शामिल हुए। अरविंद केजरीवाल ने संतों को भगवा अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। संतों ने 18 हजार रुपए वाली घोषणा को लेकर केजरीवाल की तारीफ की।

केजरीवाल ने कहा कि ऊपर वाला तय करता है कि किस काम के लिए उसे किसे चुनना है। उन्होंने कहा कि वह ऊपर वाले का शुक्रिया अदा करते हैं कि शिक्षा, स्वास्थ्य क्रांति और बिजली सुधार के लिए उन्हें चुना। केजरीवाल ने कहा, 'अब सनातन धर्म के लिए जो इतना बड़ा काम किया जा रहा है, सनातन धर्म के लिए जो पुजारी वर्ग, संत वर्ग 24 घंटे काम करता है, जो लोगों और भगवान के बीच सेतु का काम करता है, उन लोगों के लिए सेवा करने का मौका हमें दिया, इसके लिए मैं अपने आप को और आम आदमी पार्टी को सौभाग्यशाली मानता हूं।'

जो कहा है वह पूरा करेंगे: केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा, 'भाजपा का एक मंदिर प्रकोष्ठ है वे लोग समय-समय पर वादे करते रहे लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया। आम आदमी पार्टी जो कहती है वह करती है। चाहे हम ऐलान करने में थोड़ी देरी कर दें, लेकिन ऐलान कर देते हैं तो रघुकुल रीत सदा चली आई, प्राण जाए पर वचन ना जाए। जो हम कह रहे है वह करेंगे। चुनाव बाद इसे लागू करेंगे। आप लोगों का इसमें गाइडेंस रहेगा सभी संतों और सनातन धर्म के लोगों का।'

इमामों को पहले से मिल रहा पैसा, घेर रही थी भाजपा
गौरतलब है कि अब तक इमामों को मासिक सहायता राशि देती आ रही आप सरकार ने कहा है कि एक बार फिर सत्ता मिली तो पुजारियों और ग्रंथियों को भी 18 हजार मासिक सम्मान राशि दी जाएगी। सिर्फ इमामों को वेतन देने की वजह से भाजपा लंबे समय से हमलावर थी और पुजारियों को भी वेतन देने की मांग उठा रही थी। चुनाव के ऐलान से ठीक पहले 'आप' ने वादा कर दिया कि चौथी बार सरकार मिलने पर पुजारियों और ग्रंथियों को भी सम्मान राशि दी जाएगी।

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