स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन का शुभारंभ किया जा रहा, आत्मनिर्भरता की ओर कदम

भोपाल
मध्यप्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को आत्मनिर्भर, सशक्त और रचनात्मक दिशा देने के लिए "स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन" का शुभारंभ किया जा रहा है। यह मिशन स्वामी विवेकानंद के उस विचार से प्रेरित है जिसमें उन्होंने युवाओं को जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने और समाज को सकारात्मक दिशा में ले जाने के लिए अपने आंतरिक प्रकाश का अनुसरण करने का संदेश दिया था। भारत, जो कि दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है, अपनी कुल जनसंख्या का 27.3 प्रतिशत हिस्सा 15 से 29 वर्ष के युवाओं के रूप में समेटे हुए है। यह मिशन उन युवाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है, जिससे वे अपने सामर्थ्य को पहचानकर जीवन की हर चुनौती का आत्मविश्वास के साथ सामना कर सकें और प्रदेश के विकास में योगदान दे सकें।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के "ज्ञान" दृष्टिकोण (गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति) और मध्यप्रदेश की "युवा नीति-2023" को ध्यान में रखते हुए इस मिशन को विशेष रूप से डिज़ाइन किया गया है। इसका उद्देश्य युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, रोजगार के अवसर और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना है। मिशन न केवल शहरी क्षेत्रों के युवाओं के लिए है, बल्कि ग्रामीण, पिछड़े और आर्थिक-सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के युवाओं को भी ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें विशेष रूप से महिलाओं, दिव्यांग, युवाओं और किसानों को सशक्त बनाने का प्रयास किया गया है। मिशन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को एक ऐसा मंच प्रदान करना है, जहां वे अपनी क्षमताओं और रुचियों का विकास कर सकें। इसके अंतर्गत युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने, उनकी कौशल दक्षताओं को बढ़ाने और उनकी ऊर्जा को समाज और देश की प्रगति में सकारात्मक रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

इस मिशन के तहत शिक्षा के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जाएंगे। शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए सीएम राइज स्कूल और पीएम कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की जाएगी। तकनीक और डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते हुए शिक्षण पद्धतियों को अधिक प्रभावशाली और आधुनिक बनाया जाएगा। अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करने के लिए नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे युवा नवाचार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा दे सकें।

मिशन में युवाओं के कौशल संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। कौशल विश्वविद्यालय की स्थापना के माध्यम से रोजगार के लिए आवश्यक दक्षताओं का विकास किया जाएगा। पर्यटन, कृषि और सेवा क्षेत्रों में कौशल विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इसके अलावा, युवाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहित करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जाएंगी।

मिशन का एक महत्वपूर्ण पहलू युवाओं को सामाजिक पहलुओं में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित करना है। उन्हें पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जागरूकता और राष्ट्र की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से उनके मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के प्रयास किए जाएंगे। इस मिशन की निगरानी के लिए एक मजबूत तंत्र विकसित किया जाएगा, जिसमें विभिन्न गतिविधियों और उनके प्रभावों का आकलन किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक पहल की प्रगति पर नजर रखने के लिए एक डिजिटल डैशबोर्ड बनाया जाएगा, जिससे इसकी सफलता सुनिश्चित की जा सके।

"स्वामी विवेकानंद युवा शक्ति मिशन" का शुभारंभ 12 जनवरी, 2025 को राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर किया जाएगा। यह मिशन प्रदेश के युवाओं को उनके सपनों को साकार करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करेगा। आत्मनिर्भरता और समृद्धि की ओर यह पहल युवाओं को अपनी ऊर्जा को रचनात्मक दिशा में लगाने के लिए प्रोत्साहित करेगी।

 

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