आर्ट ऑफ लिविंग अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में चार दिवसीय मध्यप्रदेश महोत्सव का भव्य शुभारंभ

भोपाल
आर्ट ऑफ लिविंग अंतर्राष्ट्रीय केंद्र, बेंगलुरु में मध्यप्रदेश पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित गए चार दिवसीय मध्यप्रदेश महोत्सव का शुभारंभ हुआ। इस महोत्सव का उद्देश्य मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक, संगीत और कलात्मक धरोहर को बढ़ावा देना और इसे विश्व स्तर पर प्रस्तुत करना है। इस आयोजन में मध्यप्रदेश के कई कलाकार हिस्सा ले रहे हैं, जो प्रदेश की अनूठी सांस्कृतिक और लोक परंपराओं का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। कार्यक्रम के दौरान लोक संगीत और नृत्य की शानदार प्रस्तुतियां भी लोगो को मंत्रमुग्ध कर रही हैं। गुरुवार शाम सुप्रसिद्ध उदय भानवलकर द्वारा सुरमई ध्रुपद संगीत सुनाया गया एवं जाने-माने किरण बामनेरे और आमिर खान द्वारा आकर्षक वायलिन-सरोद की जुगलबंदी प्रस्तुत की गई।

मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड की अपर प्रबन्ध संचालक बिदिशा मुखर्जी ने इस मौके पर कहा "आर्ट ऑफ लिविंग दुनिया की प्रमुख और अग्रणी आध्यात्मिक संगठनों में से एक है, जो भारत और विदेशों से साधकों और अनुयायियों को एक साथ लाता है। यह मंच निस्संदेह मध्यप्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को प्रदर्शित करने का सबसे बेहतरीन अवसर है। यहाँ पर्यटन विभाग द्वारा भिन्न-भिन्न प्रदर्शनियाँ लगायी गई है। जिसमें प्रचार-प्रसार, फ़िल्म, निवेश, ग्रामीण पर्यटन के साथ मृगनयनी एंपोरियम एवं अन्य क्राफ्ट भी प्रदर्शित किए जा रहे है। प्रदेश के छह रीजन के खाने की स्टाल भी लगाये गये है। जो हर दिन अलग-अलग व्यंजन परोसेंगे”

मध्यप्रदेश महोत्सव में प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार की गई कला कृतियों और चंदेरी की साड़ियों ने भी अपनी छाप छोड़ रही है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में निवेश और फ़िल्म निर्माण के अवसरों पर भी पर्यटकों को जानकारी दी जा रही है। इसके साथ गोंड और भील चित्रकला, ज़री-जरदोज़ी, और चंदेरी सिल्क जैसी मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध हस्तशिल्प और वस्त्रों की प्रदर्शनी ने दर्शकों का ध्यान खींच रहे है। महोत्सव में पारंपरिक व्यंजनों का भी लोगो द्वारा लुत्फ उठाया जा रहा है। जिसमे इंद्रहार, मावा बाटी, भुट्टे की कीस और रागी बालूशाही जैसे लज़ीज़ व्यंजन उपलब्ध है।

महोत्सव के माध्यम से आर्ट ऑफ लिविंग और मध्यप्रदेश संस्कृति एवं पर्यटन विभाग ने एक मंच पर सांस्कृतिक आदान-प्रदान को प्रोत्साहित किया है। यह आयोजन मध्यप्रदेश की समृद्ध परंपरा और कला को संजोने और आगे बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रहा है। महोत्सव 12 जनवरी तक चलेगा, जिसमें कई हज़ार दर्शकों और पर्यटकों के आने की उम्मीद है। प्रतिभागी इस दौरान ध्यान, ज्ञान और गुरुदेव श्री श्री रविशंकर की उपस्थिति का अनुभव भी करेंगे।

 

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