मालवीय नगर विधानसभा सीट पर होगा हाई प्रोफाइल चुनाव, जिसमे आप और कांग्रेस के गढ़ में नहीं है भाजपा की राह आसान

नई दिल्ली
दिल्ली की मालवीय नगर विधानसभा सीट की गिनती हाई प्रोफाइल सीटों में होती है। कभी कांग्रेस का गढ़ रही मालवीय नगर सीट पर पिछले तीन विधानसभा चुनाव से आम आदमी पार्टी (आप) का कब्जा है। आइए जानते हैं मालवीय नगर सीट से जुड़ी अहम बातें। मालवीय नगर सीट पर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप), बीजेपी और कांग्रेस ने अपने-अपने उम्मीदवार उतार दिए हैं। आप ने लगातार चौथी बार यहां से सोमनाथ भारती को उतारा है, वह पिछले तीन चुनाव 2013, 2015 और 2020 में जीत की हैट्रिक लगा चुके हैं। वह दिसंबर 2013 से फरवरी 2014 तक अरविंद केजरीवाल की सरकार में कानून, पर्यटन, प्रशासनिक सुधार, कला और संस्कृति मंत्री की भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।

बीजेपी ने सतीश उपाध्याय को यहां से उतारा है, जो भाजपा की दिल्ली इकाई के पूर्व अध्यक्ष भी रहे हैं। जुलाई 2014 में लोकसभा चुनाव में उन्हें दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष चुना गया गया था। दिल्ली भाजपा का अध्यक्ष पद संभालने से पहले वह दिल्ली भाजपा इकाई के उपाध्यक्ष और सचिव भी रह चुके हैं। वहीं, कांग्रेस ने मालवीय नगर से जितेंद्र कुमार कोचर को टिकट दिया है, जो दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के पूर्व नेता सदन भी रह चुके हैं।

2020 के विधानसभा चुनाव के नतीजों पर नजर डालें तो आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवार सोमनाथ भारती ने बड़ी जीत दर्ज की थी। उन्हें 52,043 वोट मिले थे और उनका वोट शेयर 57.97 फीसद था, जबकि भाजपा के उम्मीदवार शैलेंद्र सिंह को 33,899 वोट मिले और उनका वोट शेयर 37.76 फीसद था। वहीं, कांग्रेस की नीतू वर्मा को 3.18 फीसद वोटों के साथ 2,856 वोट मिले थे। इस बार कांग्रेस और भाजपा ने यहां से अपने उम्मीदवारों को बदला है।

मालवीय नगर विधानसभा में कुल मतदाताओं की संख्या डेढ़ लाख से अधिक है। यहां पुरुष मतदाता 80,777, महिला मतदाता 70,020 और थर्ड जेंडर वोटर 3 हैं। यहां कुल वोटर 1,50,800 हैं। बता दें कि मालवीय नगर विधानसभा सीट दिल्ली के नई दिल्ली जिले में आती है। 1993 से 2020 तक के विधानसभा चुनाव की बात करें तो सिर्फ एक बार ही इस सीट पर भाजपा जीत दर्ज कर पाई है। 1993 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के उम्मीदवार ने जीत दर्ज की थी, जबकि कांग्रेस ने 1998, 2003 और 2008 में जीत हासिल की थी। हालांकि, 2013 विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पहली बार इस सीट पर जीत हासिल की थी, जो वर्तमान में भी आप के पास है।

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