महिला साथ रहने की कर रही थी जिद, प्रेमी ने मौत के घाट उतरा

छिंदवाड़ा
अमरावाड़ा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की हत्या कर दी। यह घटना 7 जनवरी 2025 को अमरावाड़ा के प्रिया लॉज में हुई थी।

पुलिस के अनुसार, मृतक महिला की पहचान संतकुमारी इनवाती के रूप में हुई है, जो खमरा राजाराम की निवासी थी। उसका पति ओमप्रकाश इनवाती है, जिसने पुलिस को घटना की सूचना दी थी।

पुलिस जांच में पता चला है कि संतकुमारी का प्रेमी हरीश चौधरी ने उसकी हत्या की थी। हरीश उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले का निवासी है और अमरावाड़ा में मजदूरी का काम करता था।

पुलिस के अनुसार, हरीश और संतकुमारी के बीच प्रेम संबंध थे, लेकिन जब संतकुमारी ने हरीश से अपने साथ रहने की जिद की, तो हरीश ने उसकी हत्या कर दी। हरीश ने संतकुमारी के स्कार्फ से उसका गला घोंटकर मार डाला था।

पुलिस ने हरीश को आमला जिला बैतूल से गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ की जा रही है। हरीश ने अपना जुर्म स्वीकार किया है और पुलिस ने उससे मृतक महिला का मोबाइल फोन और जेवरात बरामद किए हैं।

इस मामले में थाना प्रभारी अमरावाड़ा निरीक्षक राजेंद्र धुर्वे, उपनिरीक्षक राघवेंद्र उपाध्याय, और अन्य पुलिस अधिकारियों की विशेष भूमिका रही है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति