छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नक्सलियों के बिछे आईईडी से ब्लास्ट में एक सीआरपीएफ जवान घायल

बीजापुर।

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में शनिवार को नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी में विस्फोट होने से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) का एक जवान घायल हो गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विस्फोट महादेव घाट इलाके में उस वक्त हुआ जब सीआरपीएफ की 196वीं बटालियन की एक टीम सुबह इलाके में निगरानी अभियान पर निकली थी।

उन्होंने कहा कि गश्त के दौरान सीआरपीएफ जवान का कदम अनजाने में प्रेशर आईईडी पर पड़ गया, जिससे विस्फोट हो गया। अधिकारी ने बताया कि घायल जवान को बीजापुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले शुक्रवार को पड़ोसी नारायणपुर जिले में दो स्थानों पर नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी में विस्फोट होने से एक ग्रामीण की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। 6 जनवरी को बीजापुर जिले में नक्सलियों ने एक वाहन को आईईडी से उड़ा दिया था, जिसमें आठ पुलिसकर्मी और एक नागरिक चालक की मौत हो गई थी।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति