सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन में 4 अतिरिक्त बोगियां जोड़ने का फैसला हुआ, अब भीड़भाड़ की झंझट खत्म

नई दिल्ली
भारतीय रेलवे ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन में 4 अतिरिक्त बोगियां जोड़ने का फैसला हुआ है। शनिवार से यह रेलगाड़ी पिछली 16 बोगियों के बजाय अब 20 डिब्बों के साथ चलेगी। पहले इस ट्रेन में 1,128 यात्रियों के बैठने की क्षमता थी, जो चार और डिब्बे जुड़ने के बाद 1,440 यात्रियों तक पहुंच जाएगी। दक्षिण मध्य रेलवे (SCR) की ओर से शुक्रवार को यह जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि बढ़ती मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन में 20 कोच होने के बाद चेयर कार की संख्या 18 हो जाएगी जिसमें 1,336 यात्री सफर कर सकेंगे। पहले इस ट्रेन में 14 चेयर कार थे जिनमें 1,024 लोग सवारी कर सकते थे। इस वंदे भारत ट्रेन में 2 एक्जिक्यूटिव क्लास की बोगियां हैं जिनमें 104 यात्री आ जाते हैं। इस तरह कुल यात्रियों की संख्या 1,440 पहुंच जाती है। एससीआर की ओर बताया गया कि यह ट्रेन शुरुआत से ही 130 प्रतिशत से अधिक यात्रियों के साथ चल रही है। जीएम अरुण कुमार जैन ने कहा, 'चार और कोच जुड़ने से वंदे भारत ट्रेन सर्विस का लाभ अधिक से अधिक लोग उठा सकेंगे। खास तौर से मकर संक्रांति के मौके पर यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है, जिन्हें अब काफी राहत मिलने वाली है।'

लंबे समय से हो रही थी कोच बढ़ाने की मांग
रिपोर्ट में बताया गया कि लंबे से यह मांग हो रही थी कि सिकंदराबाद-विशाखापत्तनम वंदे भारत ट्रेन में कोचों की संख्या बढ़ाई जाए। ट्रेन में यात्रियों की खचाखच भीड़ को देखते हुए इसे जरूरी बताया जा रहा था। दूसरी ओर, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अमृत भारत ट्रेन को लेकर अहम जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि इसके सेकंड वैरिएंट में मॉड्यूलर शौचालय, आपात ब्रेक प्रणाली और आधुनिक डिजाइन जैसे 12 बड़े सुधार किए गए हैं। अगले दो वर्ष में इंटिग्रल कोच फैक्टरी में 50 ऐसी रेलगाड़ियां बनाई जाएंगी। उन्होंने शुक्रवार को आईसीएफ के महाप्रबंधक यू सुब्बा राव के साथ फैक्टरी का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि तमिलनाडु सरकार को लोगों की सेवा को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। केंद्र और उनका मंत्रालय लोगों के कल्याण की खातिर कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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