चीन से आई राहत भरी खबर, घट रहे HMPV के मामले, स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा -बच्चों को बचा कर रखें

बीजिंग
चीन से फैले मानव मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के संक्रमण ने दुनिया के कई देशों में दस्तक दे दी है। भारत में भी इस संक्रमण के तमाम मामले सामने आए हैं। इस बीच चीन ने बड़ा दावा किया है। चीन के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने कहा कि उत्तरी चीन में फ्लू जैसे मानव मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के संक्रमण की दर घट रही है।

दरअसल, संभावित महामारी को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता है। मानव मेटान्यूमोवायरस (HMPV) का संक्रमण भी रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस के समान है। इसके जद में आने से बुखार, खांसी और नाक बंद होने सहित फ्लू या सर्दी जैसे लक्षण पैदा करता है। इसका प्रभाव बच्चों पर देखने को मिलता है। ये संक्रमण बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा प्रभावित करता है।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति