इजरायल बना रहा जंगल की आग को रोकने के लिए बनाएगा कवच

यरुशलम
 एक चिंगारी से भड़की आग किसी बम या मिसाइल से ज्यादा खतरनाक हो सकती है। अमेरिका में जलते लॉस एंजिल्स शहर को देखकर अब किसी को शायद ही किसी को इस बात पर संदेह हो, जहां जंगल की आग ने 13000 से ज्यादा घरों को जलाकर राख कर दिया है और लाखों लोगों को शरण लेने पर मजबूर होना पड़ा है। दुनिया का सुपरपॉवर कहा जाने वाला अमेरिका इस आग को काबू नहीं कर पा रहा है। ऐसे में इजरायल में फायरडोम नाम का सिस्टम विकसित करने पर काम कर रहा है, जो आग को रोकने के लिए काम करेगा। इसकी परिकल्पना महाशक्तिशाली एयर डिफेंस आयरन डोम से ली गई है।
इजरायली कंपनी बना रही फायर डिफेंस

इजरायली मीडिया आउटलेट टाइम्स ऑफ इजरायल से बात करते हुए स्टार्टअप फायरडोम के को-फाउंडर और सीईओ गादी बेंजामनी ने बताया कि 'जंगल की आग से लड़ना भी युद्ध की तरह है। इसके फायरफाइटर्स पैदल सेना हैं। हवाई जहाज भी हैं, लेकिन अंधेरे और तेज हवाओं के दौरान उड़ान भरना मुश्किल हो जाता है। हम जो विकसित कर रहे हैं, वह एक तरह का आर्टिलरी सपोर्ट है।'

उन्होंने कहा, 'हम एक ऐसी प्रणाली विकसित कर रहे हैं, जिससे अग्निशमन कर्मियों की क्षमता और योग्यता में वृद्धि होगी। वे एक साथ अधिक आग पर काबू पा सकेंगे और उन स्थानों पर पहुंच सकेंगे, जहां कभी-कभी वे विभिन्न रसद बाधाओं के कारण नहीं पहुंच पाते हैं।' 2024 में स्थापित फायरडोम आयरन डोम के मॉडल पर आधारित वाइल्डफायर डिफेंस सिस्टम विकसित कर रहा है, जो रक्षा रणनीति और AI तकनीक को जोड़ता है।

कैसे काम करेगा फायरडोम?

अग्निशमन विमान से अलर्ट मिलने पर फायरडोम जिस इलाके की तरफ जंगल की आग बढ़ रही है, वहां एक कैप्सूल लॉन्च करता है। प्रक्षेपण के बाद कैप्सूल इलाके में आग के लिए विरोधी वातावरण तैयार करता है, ताकि एक सुरक्षात्मक अवरोध बनाया जा सके। इससे जंगल की आग के लिए आगे बढ़ने का मार्ग बंद होता है।

इसके साथ ही कम्प्यूटर विजन और सेंसर तकनीक का लाभ उठाने वाला एक AI से संचालित सिस्टम प्राथमिक अवरोध को बायपास करके हवा में उड़ने वाले अंगारों का पता लगाता है और उसे बुझाता है। बेंजामिनी ने बताया कि 'स्मार्ट कैप्सूल में सेंसर होते हैं, जो हमें खास स्थान को प्रोग्राम करने की अनुमति देते हैं, जिसमें वे खुलते हैं। वे जमीन के ऊपर हवा में सामग्री को फैलाते हैं और संपत्ति के चारों ओर एक प्रकार का सुरक्षा गुंबद बनाते हैं। यह इलाके में आने वाली किसी भी आग को रोक देगा।'

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति