राजस्थान-राज्यपाल ने सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस पर पूर्व सैनिकों-वीरांगनाओं-परिजनों का किया सम्मान

जयपुर।

राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने सशस्त्र सेना सम्मान दिवस "वेटरन्स डे" को पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के त्याग, बलिदान और राष्ट्र समर्पण के प्रति कृतज्ञता पर्व कहा है। उन्होंने कहा कि हम सभी को चाहिए कि राष्ट्र के लिए सर्वस्व अर्पित करने वाले पूर्व सैनिकों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए कार्य करते उनकी सेवाओं का सम्मान करें।

बागडे मंगलवार को सशस्त्र सेना भूतपूर्व सैनिक दिवस पर सेना के सप्तशक्ती प्रेक्षागृह में आयोजित समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ फील्ड मार्शल के۔ एम۔ करियप्पा की सेवाओं को भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि  सैनिक केवल अपने परिवार के बारे में नहीं सोचता बल्कि देश और समाज को सुरक्षित रखने की सदा चिंता करता है। उन्होंने सुप्रसिद्ध कवि माखनलाल चतुर्वेदी की "पुष्प की अभिलाषा" कविता की चर्चा करते हुए कहा कि सैनिक अपने लिए नहीं देश के लिए जीते हैं। उनका सब कुछ राष्ट्र के लिए होता है, इसलिए हमें भी उनके प्रति कृतज्ञ रहकर कार्य करने की सीख लेनी चाहिए।

भूतपूर्व सैनिकों का सम्मान—
इस अवसर पर राज्यपाल श्री बागडे ने देश लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राष्ट्र को दी सेवाओं के लिए भूतपूर्व सैनिकों, अधिकारियों, वीरांगनाओं, वीर माता—पिता एवं वीरता तथा विशिष्ट पदक धारकों को सम्मानित किया।

पुष्प चक्र अर्पित कर सैनिकों को दी श्रद्धांजलि—
आरंभ में राज्यपाल ने पूर्व सैनिकों की स्मृति में पुष्प चक्र अर्पित उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने आगंतुक पुस्तिका में सैनिकों की शहादत को नमन करते हुए राष्ट्र के प्रति उनके सेवा—समर्पण, त्याग और बलिदान भाव के प्रति अपनी शब्द कृतज्ञता प्रकट की।

admin

Related Posts

साय कैबिनेट की कल बैठक में रायपुर पुलिस कमिश्नरी सहित कई नीतिगत प्रस्तावों पर होगी चर्चा

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद (साय कैबिनेट) की महत्वपूर्ण बैठक कल आयोजित होने जा रही है। इस बैठक में कई अहम नीतिगत और प्रशासनिक प्रस्तावों पर…

स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर 50 बसों की हुई जांच

कोंडागांव. सड़क सुरक्षा माह के तहत परिवहन विभाग द्वारा 1 जनवरी से 31 जनवरी तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को परिवहन एवं यातायात विभाग…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

बसंत पंचमी और पीले रंग का गहरा संबंध: क्या है इसके पीछे की मान्यता?

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

हनुमान से बजरंगबली तक: इस नाम के पीछे छिपी है अद्भुत और प्रेरक कहानी

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

आज का राशिफल 20 जनवरी: ग्रहों की स्थिति से जानें दिन कैसा रहेगा

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

कब मनाई जाएगी बसंत पंचमी—22 या 23 जनवरी? तिथि, पूजा समय और विधि की पूरी जानकारी

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

क्या आप सही तरीके से पढ़ते हैं हनुमान चालीसा? जानिए 10 जरूरी नियम और आम भूलें

गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी

गरुड़ पुराण के अनुसार अंतिम संस्कार में 5 प्रकार के लोग नहीं कर सकते भागीदारी