छिंदवाड़ा :19 घंटे से कुंए में फंसी मजदूरों की जान, 7 फीट की खुदाई अब भी बाकी

छिंदवाड़ा
 मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा ज़िले के खुनाझिर खुर्द गांव में एक निर्माणाधीन कुएं के ढहने से तीन मज़दूर फंस गए हैं। हादसा मंगलवार को हुआ। एनडीआरएफ की टीम 19 घंटे से ज़्यादा समय से बचाव कार्य में जुटी है। डॉक्टर और एम्बुलेंस भी मौके पर मौजूद हैं। मज़दूर लगभग 30 फीट की गहराई में फंसे हैं। एक महिला और दो पुरुष मज़दूरों को बचाने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। ये मज़दूर पुराने कुएं की मरम्मत का काम कर रहे थे।

कैसे हुआ ये हादसा

शहर के पास खुनाझिर खुर्द गांव में एक पुराने कुएं की मरम्मत का काम चल रहा था। मंगलवार को अचानक कुआं ढह गया। कुछ मज़दूर वक़्त रहते बाहर निकल आए, लेकिन तीन मज़दूर मलबे में दब गए। इनमें एक महिला और दो पुरुष शामिल हैं। हादसे के बाद से ही बचाव कार्य जारी है। एनडीआरएफ की टीम के साथ-साथ स्थानीय प्रशासन भी बचाव कार्य में लगा हुआ है। मौके पर डॉक्टरों की टीम और एम्बुलेंस भी तैनात हैं।
पिता का छलका दर्द

मीडिया से बात करते हुए अंदर धंसे एक बच्चे के दिव्यांग पिता कल्लू खान का दर्द छलक आया। उन्होंने बताया कि अंदर मलबे में दबे लोगों के नाम बाशिद, राशिद और शहजादी है। कल्लू ने बताया कि बाशिद उनका इकलौता बेटा है। बाकी लोग भी उनके रिश्तेदार ही हैं। सभी रायसेन के रहने वाले हैं। बेटे की शादी करनी थी, इसलिए उसको काम पर भेजा था, पर क्या पता था कि ऐसा भी हो जाएगा।

कल्लू खान ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। इस दौरान वह भावुक हो गए और उनका गला भी रुंध गया। उन्होंने बताया कि 'मैं जब पहुंचा तो मैंने प्रशासन को कहा कि अभी सब जिंदा हैं, हमें भी कोशिश कर लेने दो। इस पर अधिकारी बोले कि तुम क्या जानते हो, भोपाल से टीम आई है, दिल्ली से टीम आई है। सब ठीक था। सुबह तक सब बोल रहे थे। सुबह मोटर बंद हो गई तो मैंने कहा कि अंदर पानी बढ़ जाएगा तो किसी ने मेरी बात नहीं सुनी। थोड़ी देर बाद आवाज आनी बंद हो गई।'
निकालने की कोशिश जारी

बचाव दल मलबा हटाने और मज़दूरों तक पहुंचने की कोशिश कर रहा है। मज़दूरों को ज़रूरी मेडिकल सहायता भी दी जा रही है। रात भर बचाव कार्य जारी रहा। अभी तक तीनों मज़दूरों को बाहर नहीं निकाला जा सका है। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम लगातार काम कर रही है। मजदूरों को रात भर से मेडिकल सुविधा और अन्य सहायता दी जा रही है। डॉक्टर और प्रशासन की टीम लगातार मौजूद है और मजदूरों को निकालने की कोशिश की जा रही है।
मलबा निकालने के दौरान धंसा कुआं

कुएं की मरम्मत के दौरान पुराना मलबा निकाला जा रहा था। इसी दौरान कुआं धंस गया। हादसे के बाद से ही इलाके में हड़कंप मचा हुआ है। गांव वाले भी बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह ने बताया कि, 'मौके पर चार एम्बुलेंस को तैनात रखा गया है और हम जल्द ही इन तीनों मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लेंगे।'
प्रशासन ने की शांत रहने की अपील

उन्होंने आगे बताया कि एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम तीनों मजदूरों को निकालने का हर संभव प्रयास कर रही है। स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और उम्मीद है कि जल्द ही मज़दूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा। प्रशासन ने लोगों से शांत रहने और बचाव कार्य में सहयोग करने की अपील की है।

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