मंदसौर में बगीचे में चल रहा था करोड़ों का काला कारोबार, सेटअप देख अधिकारियों के उड़े होश

मंदसौर
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के एक सुनसान इलाके में एमडीएमए नाम की नशीली दवा बनाने वाली गुप्त प्रयोगशाला का भंडाफोड़ किया है। एक अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एजेंसी ने छापेमारी में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है।

संतरों के बाग में बन में नशीली दवाओं का लैब

एजेंसी ने बताया कि सीबीएन की राज्य इकाई के अधिकारियों ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। गरोठ तहसील के अंतर्गत खरखेड़ा गांव के समीप संतरों के एक बाग में छापा मारा है। वहां गुप्त प्रयोगशाला संचालित होती पाई गई।

टीम ने 80.96 किलोग्राम और 7.5 लीटर रसायन बरामद किया, जिसमें एसीटोन, टोल्यूनि, हाइड्रोक्लोरिक एसिड, सोडियम सल्फेट, सोडियम कार्बोनेट, सल्फ्यूरिक एसिड, ब्रोमीन जल, इथेनॉल आदि शामिल थे।

लैब से जब्त किए गए कई सामान

परिसर से उपकरण और मशीनरी जैसे यूवी नियंत्रक, वैक्यूम ओवन, तराजू, टेस्ट ट्यूब, फनल और अन्य सामान भी जब्त किए गए। वहीं, एजेंसी ने कहा कि ये रसायन और उपकरण प्रति माह 50 किलोग्राम से अधिक अवैध एमडीएमए पाउडर बनाने के लिए पर्याप्त थे।

एक व्यक्ति गिरफ्तार

छापेमारी के बाद एक व्यक्ति को स्वापक औषधि और मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के तहत गिरफ्तार किया गया है। प्रयोगशाला सुदूर एक ऐसे स्थान पर स्थापित की गई थी, जहां पहुंचने के लिए कोई सड़क सुविधा नहीं थी। अधिकारी पैदल ही वहां पहुंचे और संतरे के बगीचे में एक ढांचा देखा।

एक दिन में बनता था 50 किलो से अधिक एमडी ड्रग्स

आरोपी युवक से जब अधिकारियों ने सख्ती से पूछताछ की, तो उसने बताया कि जमीन में भी ढेर सारे केमिकल छिपाकर रखे हुए हैं. टीम ने उसके बताए हुए स्थान पर खुदाई करवाई तो वहां से भी भारी मात्रा में केमिकल मिला. बताया जा रहा है कि इस फैक्ट्री में एक दिन में 50 किलोग्राम से अधिक एमडी ड्रग्स बनाया जाता था. नारकोटिक्स के अधिकारियों ने वहां मौजूद सारे उपकरण, रसायन और एमडी ड्रग्स को जब्त कर लिया और आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ के बाद कई और आरोपियों का नाम सामने आ सकता है.

जीतू पटवारी ने प्रदेश सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

नारकोटिक्स टीम की छापामार कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद राजनीति शुरू हो गई है. पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने एक्स पर पोस्ट कर एमपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. जीतू पटवारी ने अपने पोस्ट में लिखा, "भोपाल के बाद गरोठ में भी एमडी ड्रग्स की फैक्ट्री मिलना सबूत है कि मध्य प्रदेश सरकार ने शराब की तरह 'ड्रग्स-माफिया' को भी 'मंजूरी' दे दी है!" उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को टैग करते हुए लिखा है कि "धार्मिक नगरों में शराब पर प्रतिबंध का बयान देकर, आप ध्यान भटका रहे हैं, बड़े गुनाह छुपा रहे हैं? क्या ये फैक्ट्री भी 'सरकारी-संरक्षण' में चल रही थी?"

खेत में गाड़ रखे थे सामान

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि एमडीएमए पाउडर बनाने के लिए जरूरी दूसरे रसायन पास के खेत में गाड़े गए हैं। बताया गया कि खेत की खुदाई की गई और प्रतिबंधित सामान जब्त कर लिया गया।

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