पड़ोसी के शिकार का शौक पड़ा भारी, बीबीए की छात्रा के सीने में लगी एयरगन की गोली, हालत गंभीर

भोपाल
राजधानी भोपाल से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक बीबीए छात्रा के सीने में एयरगन की गोली लग गई, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। बताया जा रहा है कि पड़ोस में रहने वाले एक शख्स ने एयरगन से गोली चलाई थी, जो सीधे छात्रा के सीने में जाकर लगी। दिल के पास गोली लगने से से उसकी लीवर, पसलियां और आंतें क्षतिग्रस्त हो गईं। छात्रा को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक घटना बैरसिया थाना क्षेत्र की है, जहां बीबीए थर्ड ईयर की छात्रा अदीबा खान को एयरगन की गोली लगी है। उसके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने शिकार के लिए एयरगन से गोली चलाई थी, जो उसके सीने में लगी। मिली जानकारी के अनुसार आरोपी पड़ोसी अक्सर शिकार के लिए एयरगन का इस्तेमाल करता था, जिसमें वह बंदर, बिल्ली और कबूतरों को निशाना बनाता था। लेकिन इस बार उसकी गोली अदीबा के सीने में लगी।

आज देने जाना था छात्रा को एग्जाम

एयरगन की गोली लगने से घायल हुई छात्रा को आज एग्जाम देने जाना था। लेकिन गोली लगने के कारण वो गंभीर रूप से घायल हो गई है। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल बैरसिया पुलिस ने हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है।

विदेशी एयरगन से निकला छर्रा, छात्रा की हालत गंभीर

बैरसिया इलाके में एक छात्रा को विदेशी एयरगन से छर्रा लगने से गंभीर चोटें आईं। घटना में एयरगन से निकला छर्रा अदीबा के हृदय के नीचे धंसकर पीछे निकल गया। लहूलुहान हालत में छात्रा घिसटते हुए जीने तक पहुंची और आवाज लगाकर मां-पिता को बुलाया। जब परिजन छत पर पहुंचे, तो उनकी हालत देखकर घबरा गए और तुरंत उसे भोपाल के अस्पताल लेकर गए।

घटना स्थल पर एक-दो मृत कबूतर भी पाए गए, जिससे यह संदेह जताया जा रहा है कि पड़ोस में एक व्यक्ति एयरगन से कबूतरों को निशाना बना रहा था, और निशाना चूकने से छर्रा छात्रा को लग गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

अदीबा का ऑपरेशन हुआ, हालत अब स्थिर

बैरसिया इलाके में एयरगन से लगे छर्रे के बाद मंगलवार को अदीबा का ऑपरेशन किया गया। परिजनों के अनुसार, अदीबा बीबीए तृतीय वर्ष की छात्रा है और दो बहनों में दूसरे नंबर पर है। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। ऑपरेशन के बाद अदीबा की हालत अब ठीक बताई जा रही है। डॉक्टरों ने बताया कि छर्रा हार्ट के ठीक नीचे लगा था, और यदि यह थोड़ा ऊपर होता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी।

अदीबा ने बताया: 'लगा, अब उठ नहीं पाऊंगी'

अदीबा ने घटना के बाद बताया कि गोली पड़ोस में रहने वाले ताहिर भाई की छत से चली थी। हालांकि, उसने किसी को देखा नहीं, लेकिन गोली उसी से चली थी। अदीबा ने बताया कि वह शाम को धुले कपड़े उतारने छत पर गई थी, तभी अचानक एक धमाके की आवाज आई और सीने में तेज जलन महसूस होने लगी। उसे लगा कि अब वह कभी उठ नहीं पाएगी, लेकिन उसने हिम्मत जुटाई और घिसटते हुए सीढ़ियों तक पहुंची। वहां से उसने मां को आवाज दी, और फिर मां और पिता उसे अस्पताल लेकर गए।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति