गृहस्वामी ने जलता सिलेंडर फेंका नीचे, सीढ़ियों पर गिरा, मची भगदड़

झांसी

यूपी के झांसी के बरुआसागर थाना क्षेत्र में बस स्टैंड पर स्थित काशीराम कॉलोनी में बुधवार सुबह चाय बनाते वक्त एक घर में घरेलू सिलेंडर में रिसाव से आग लग गई। गृहस्वामी ने जलता सिलेंडर नीचे फेंका तो वह सीढ़ियों पर गिर गया। धुआं-लपटें और रिस रही गैस से वहां भगदड़ मच गई। आसपास के घरों के लोग कूदकर भागने लगे। छतों पर सीढ़ियां लगाकर लोगों ने जान बचाई। आग बुझाने में एक युवक मामूली रूप से झुलस गया है। हालांकि पुलिस और अन्‍य लोगों ने थोड़ी देर में आग पर काबू पा लिया। इसे बुझा दिया गया।

कांशीराम कालोनी निवासी शकील खान बेटा ख्वाज मोहम्मद परिवार के साथ रहते हैं। बुधवार सुबह करीब सात बजे उनकी पत्नी चाय बना रही थीं। तभी गैस रिसाव के चलते अचानक सिलेंडर में आग गई। आग इतनी भीषण थी पूरा घर दहशत में आ गया। शकील ने जलता सिलेंडर कमरे के बाहर फेंका तो वह नीचे न जाकर सीढ़ियों पर गिर गया। जिससे तेजी से गैस रिसाव होने लगी। आग की तीखी हो गई। यह देख पूरी कॉलोनी में भगदड़ मच गई। घरों में रहने वाले छतों से कूदने लगे। कुछ लोगों ने मकानों की दीवारों पर सीढ़ियां लगाकर जान बचाई तो कई लकड़ी की पटियों पर चढ़कर बाहर निकले। हर तरफ चीख-पुकार मच गई।

महिलाएं, पुरुष, बच्चे, दहशत में सुध-बुध खो बैठे। कुछ लोग ऊपरी मंजिल से बगल के घरों में चले गए। घटना की सूचना पर थाना प्रभारी शिवजीत सिंह राजावत, उपनिरीक्षक रामकृपाल सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अमरसिंह कुशवाहा, आकाश पाल सहित 112 की गाड़ी मौके पर पहुंची। पुलिस ने लोगों की मदद से जलते सिलेंडर को बखिया के सहारे नीचे उतारा। इस बीच पंकज पांडेय नाम का एक युवक मामूली रूप से आग की चपेट में आ गया। उसके चेहरे पर झुलसने के निशान पड़ गए हैं। आग बुझाए जाने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

30 परिवार रहते हैं आसपास
बुधवार को सुबह-सुबह चाय बनाते वक्त घरेलू गैस सिलेंडर में लगी आग ने लोगों का दिल दहला दिया। कॉलोनी में करीब 30 परिवार रहते हैं। आसपास के लोगों ने तुरंत अपनी जान बचाने का हर संभव प्रयास किया। कोई तो नीचे कूद गया। कुछ ही पल में साहब हमें बचा लो की आवाजें आने लगीं। महिलाएं, बच्चे, बूढ़े, जवान सभी दहशत में आ गए।

बड़ा हादसा टला
काशीराम कॉलोनी में बुधवार सुबह-सुबह हुई घटना के बाद हर कोई दहशत में आ गया। लोगों ने बताया कि जब आग लगी तो वे अपने घरों में थे। चीख सुनकर बाहर निकले और सिलेंडर में लगी आग देख दहशत में आ गए। फिर हर तरफ चीख-पुकार मच गई। लोगों ने बताया कि सिलेंडर फटता या आग और भड़कती तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।

लगातार बढ़ रही थी आग
चश्मदीदों ने बताया कि सिलेंडर में लगातार आग बढ़ रही थी। गनीमत रही कि जहां सिलेंडर गिरा वहां कोई जलने का सामान, लकड़ी या अन्य चीज नहीं रखी थी। जहां सिलेंडर गिरा था वहां आग तेजी से फैलने की संभावना था। उसमें से गैस रिसाव होने से लोग डर रहे थे।

भक से लग गई आग
पीड़ित शकील ने बताया ने बताया कि पत्नी चाय बनाने गई थी। जैसे ही चूल्हा जलाया तो सिलेंडर के नीचे पाइप में अचानक लग गई। इससे पहले कि वह कुछ समझ पाती कि भक से आग फैल गई। वह डरकर चीखने लगी। शोर सुनकर पहुंचे शकील को कुछ समझ नहीं आया तो आनन-फानन में सिलेंडर को नीचे फेंका दिया। लेकिन, सिलेंडर सीढ़ियों पर ही जीने पर गिर गया।

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