पीएम किसान योजना के नाम से एपीके फाईल बनाकर धोखाधड़ी करने वाले जिला जमुई बिहार के साइबर फ्रॉड सायबर सेल पुलिस के गिरफ्त में

मनेंद्रगढ़/एमसीबी

पीएम किसान योजना के नाम से एपीके फाईल बनाकर ई-सिम के माध्यम से कर रहे है सायबर फ्रॉड करने वाले अभेष कुमार दास पिता लखन वास उम्र 22 वर्ष ग्राम चौफला थाना चन्द्रमण्डी जिला जमुई बिहार, राजेश वास पिता लखन वास उम्र 24 वर्ष ग्राम चौफला थाना चन्द्रमण्डी जिला जमुई बिहार को  02 नग एन्ड्रोईड मोबाईल हैण्डसेट किमती 60000.00 , डेबिट कार्ड 02 नग सिम कार्ड 04 नग जप्त कर गिरफ्तार किया गया।

पूरा मामले  इस प्रकार है कि प्रार्थी सूरज लाल सिंह आ. स्व. शिवचरण सिंह उम्र 51 वर्ष सा. झुमरियापारा, शिवपुर थाना खडगंवा जिला एमसीबी (छ.ग.) का थाना उपस्थित आकर ओवदन पत्र प्रस्तुत किया कि दिनांक 05. 12.2024 को प्रार्थी के मोबाईल पर अज्ञात मोबाईल न. 9508400484 से कॉल कर अपने आप को जियो कंपनी का प्रतिनिधि बोल रहा हूँ। आप के नम्बर को 4 जी से 5 जी नेटवर्क में एक्टिव करने एवं कंपनी का कॉल आने पर 1 दबाने का झांसा देकर दिनांक 05.12.2024 से 07.012.2024 के माध्यम प्रार्थी के सेन्ट्रल बैंक के खाता कुल 9,07,012 (नौ लाख सात हजार बारह रूपये) ट्रांजेक्शन कर फ्रॉड कर लिया गया। प्रार्थी कि रिपोर्ट पर थाना खडगंवा में अपराध क्रमांक 302/2024 धारा 318(4) बीएनएस एवं 66 (डी) आई.टी. एक्ट कायम कर विवेचना में लिया गया, पुलिस महानिरीक्षक अंकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक चन्द्रमोहन सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  अशोक वाडेगांवकर के मार्गदर्शन में नगर पुलिस अधीक्षक चिरमिरी दीपिका मिंज के नेतृत्व में टीम गठित कर प्रकरण की गहन जांच कि गई। जांच में पाया गया कि प्रार्थी के सीम को हैक कर ई-सिम के माध्यम से पूरे प्रकरण में सूक्ष्मता से गहन विश्लेषण किया गया एवं पीएम किसान योजना के नाम से ए०पी०के० फाईल बनाकर धोखाधड़ी करने वाले अज्ञात सायबर अपराधियों का पतासाजी कर जिला जमुई बिहार के साइबर अपराधियों को गिरप्तार किया गया तथा  न्यायालय जमुई बिहार से ट्रॉजिस्ट रिमाण्ड पर सायबर अपराधियों को  छत्तीसगढ़ लाया गया, आरोपियों से घटना में प्रयुक्त मोबाईल व डेबिट कार्ड को जप्त कर उनके खातो को डेबिट फ्रिज कराया गया है। आरोपी द्वारा अन्य राज्यो मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उडिसा, महाराष्ट्र एवं अन्य राज्यों में भी अपराध घटित किये है। आरोपियों द्वारा जुर्म करना स्वीकार करने से गिरप्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा जा रहा है।

अन्तर्राजीय गिरोह को पकड़ने वाली टीम में निरीक्षक दीपेश सैनी, सउनि अभिषेक पाण्डेय, प्र.आर. इस्तियाक खान, पुष्कल सिन्हा, प्रिंस राय, जुनास एक्का, राकेश शर्मा, जितेन्द्र ठाकुर, राकेश तिवारी का सराहनीय योगदान रहा एवं थाना चन्द्रमण्डी जिला जमुई बिहार पुलिस से उप निरीक्षक दीपक एवं उनके स्टाफ का विशेष सहयोग रहा।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति