15 दिनों से चल रही हिंसक झड़पों के बाद युद्धविराम और बंधक रिहाई समझौता लागू हुआ

गाजा
गाजा पट्टी में लंबे समय से जारी संघर्ष पर रविवार को युद्धविराम लागू हो गया, जिससे वहां के हालात में कुछ राहत आई। 15 दिनों से चल रही हिंसक झड़पों के बाद युद्धविराम और बंधक रिहाई समझौता लागू हुआ। इस दौरान इजरायल ने भारत की शानदार भूमिका की सराहना करते हुए समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।  इजरायली राजदूत रूवेन अजार ने नई दिल्ली से मिले समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। इजरायली दूतावास द्वारा जारी एक बयान में अजार ने कहा, "मैं आत्मरक्षा के हमारे अधिकार का समर्थन करने के लिए भारत सरकार और भारतीय जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं। भारतीयों के समर्थन से हम बेहद प्रभावित हैं।" भारत ने इस संघर्ष के दौरान हमेशा संयम और युद्धविराम की अपील की थी। गाजा में संघर्ष को रोकने और शांति स्थापित करने में भारत के रुख की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना की जा रही है।  

तीन इजरायली महिलाओं की रिहाई
युद्धविराम के साथ ही हमास ने तीन इजरायली बंधक महिलाओं को रिहा कर दिया। इन महिलाओं में रोमी गोनेन (24), एमिली दमारी (28) और डोरोन स्टीनब्रेचर (31) शामिल हैं। रिहाई के बाद इन महिलाओं को रेड क्रॉस की मदद से इजरायल पहुंचाया गया, जहां भारी भीड़ ने उनका स्वागत किया। गोनेन को नोवा संगीत समारोह से अगवा किया गया था, जबकि अन्य दो महिलाओं का अपहरण किबुत्ज कफर अजा से हुआ था। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रिहाई का स्वागत करते हुए कहा, "पूरा देश आपको गले लगाता है।"  

गाजा में जश्न, कैदियों की रिहाई
युद्धविराम लागू होने के बाद गाजा में जश्न का माहौल देखने को मिला। बड़ी संख्या में फलस्तीनी अपने घरों की ओर लौटने लगे। रविवार को 90 फलस्तीनी कैदियों को भी रिहा किया गया। इजरायली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने गाजा में विशेष अभियान के दौरान 2014 के इजरायल-हमास युद्ध में मारे गए सैनिक ओरोन शॉल का शव बरामद किया है।  

स्थिति अभी भी संवेदनशील
गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हालांकि स्थिति अभी भी संवेदनशील है और इजरायली गोलीबारी में अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे बफर जोन में लौटते समय सतर्क रहें और इजरायली सेना से दूर रहें।   

 

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