छत्तीसगढ़-कोरबा में बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म और तीन हत्याओं पर पांच दोषियों को सजा-ए-मौत

कोरबा।

कोरबा जिला में नाबालिग पहाड़ी कोरवा के साथ सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में स्पेशल कोर्ट ने पांच दोषियों को मृत्युदंड और एक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। बिलासपुर संभाग में इस तरह का यह पहला मामला है, जिसमें एक साथ पांच लोगों के लिए न्यायालय द्वारा मृत्युदंड की सजा निर्धारित की गई है।

बता दें कि चार साल पहले लेमरू थाना क्षेत्र में एक नाबालिग पहाड़ी कोरवा के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के पिता और उसकी बहन की हत्या कर दी थी। वहीं, पीड़ित की भी मौत हो गई थी। मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। सोमवार को स्पेशल कोर्ट के जज ममता भोजवानी ने फैसला सुनाते हुए पांच दोषियों को मृत्युदंड और एक को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। लेमरू क्षेत्र के गढ़-उपरोड़ा में एक वयक्ति और उसकी दो बेटियों की हत्या कर दी गई थी, जिसमें एक बेटी की उम्र चार साल थी। शव मंगलवार को जंगल से बरामद हुए थे। किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था। उस समय किशोरी जिंदा थी और उसे पत्थर के नीचे दबा दिया गया था। अस्पताल लाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई थी। सभी को लाठी-डंडों और पत्थर से कुचलकर मारा गया था।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति