केरल की कोर्ट ने ने कहा- लवर पर भरोसा नहीं किया जा सकता, लिव इन रिलेशन इस्तेमाल कर फेंकने जैसा

केरल
प्रेमी की हत्या के लिए दोषी पाई गई ग्रीष्मा को केरल की कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई है। इस दौरान अदालत ने कई अहम टिप्पणियां भी की हैं। कोर्ट का कहना है कि 'प्रेमी पर भरोसा नहीं किया जा सकता।' साथ ही अदालत ने नरमी बरतने के अनुरोध को भी नहीं माना। ग्रीष्मा ने अपने प्रेमी शेरन राज की धीमा जहर देकर हत्या कर दी थी, क्योंकि वह रिश्ता खत्म करना चाहती थी। नेय्याट्टिनकरा अतिरिक्त जिला सत्र न्यायालय ने मौत की सजा सुनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, अदालत का कहना है कि दोषी को अब सुधारा नहीं जा सकता, 'वह चाहती थी कि पीड़ित लंबे समय तक भुगते, ताकि मौत से पहले उसे बहुत दर्द हो।' मृतक के भाई की तरफ से कोर्ट में सबूत भी पेश किए गए कि पीड़ित के अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी ग्रीष्मा ने नहीं बताया कि उसने क्या खिलाया है।

कोर्ट ने कहा, 'ग्रीष्मा ने शेरन को तिल तिल कर मारा है।' कोर्ट ने कहा कि इससे समाज में यह संदेश जाएगा कि एक लड़की रिश्ता तोड़ने के बाद आसानी से प्रेमी का कत्ल कर सकती है। कोर्ट का यह भी कहना है कि इसने प्रेमियों और दोस्तों में चिंताएं बढ़ा दी हैं। अदालत ने कहा, 'यह संदेश देता है कि एक लवर पर भरोसा नहीं किया जा सकता…। आजकल युवा लिव इन रिलेशन अपना रहे हैं।' आगे कहा गया, 'अगर इसे हल्के में ही देखा जाए, तो इस्तेमाल करो और फेंकने जैसा है और कोई भी अपने साथी को इसका निशाना बना सकता है। इससे समाज में गलत संदेश जाएगा।'

प्रेमी को ऐसे किया खत्म
मामले के अनुसार, ग्रीष्मा अपने प्रेमी शेरन राज के साथ चल रहे रिश्ते से बाहर आना चाहती थी और इसके लिए उसने हत्या की साजिश रची। युवती ने शेरन को मारने के लिए कीटनाशक मिलाकर कशयम पिला दिया। कथित तौर पर ग्रीष्मा की शादी कहीं और तय हो गई थी और शेरन रिश्ते से बाहर आने के लिए तैयार नहीं था। मिलावटी आयुर्वेदिक पेय लेने के बाद शेरन अस्पताल में 11 दिनों तक भर्ती था और इस दौरान वह बेहद दर्द में रहा। उसके अंगों ने धीरे-धीरे काम करना बंद कर दिया था। मरने से पहले उसने पिता को बताया था कि वह ग्रीष्मा के घर गया था और वहां उसने उसे पीने के लिए कशयम दिया था। इसे पीने के 11वें दिन शेरन की मौत हो गई थी।

पहले भी कर चुकी थी कोशिश
इससे पहले भी एक घटना हुई थी, जहां ग्रीष्मा ने जूस दिया था, जिसे पीने के बाद शेरन को उल्टी हो गई थी। कोर्ट के सामने पेश सबूत से पता चलता है कि ग्रीष्मा ने इंटरनेट पर पैरासीटामॉल के ओवरडोज के बारे में पढ़ा था। कोर्ट ने कहा था कि इस अपराध का भी तरीका पहले जैसा ही था। कोर्ट ने कहा कि केवल एक क्रूर दिमाग ही प्रेम करने के दौरान अपने बॉयफ्रेंड के खिलाफ वही अपराध को अंजाम देगा। कोर्ट ने कहा कि बार-बार अपराध करने के चलते वह दया की हकदार नहीं है। मामले में तीसरी आरोपी एवं महिला के रिश्तेदार निर्मलकुमारन नायर को भी तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अपने 586 पृष्ठ के फैसले में कहा कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषी की उम्र पर विचार करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

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