महाप्रबंधक की अध्यक्षता में संरक्षा की समीक्षा बैठक आयोजित

 भोपाल  

पश्चिम मध्य रेलवे महाप्रबंधक शोभना बंदोपाध्याय की अध्यक्षता में को-आर्डिनेशन रिव्यु मीटिंग सम्पन्न हुई। इस बैठक में अपर महाप्रबंधक/प्रमुख मुख्य यांत्रिकी इंजीनियर  नितिन चौधरी एवं प्रमुख मुख्य संरक्षा अधिकारी प्रवीन खोराना, प्रमुख मुख्य दूरसंचार एवं संकेत इंजीनियर एकनाथ मोहकर, प्रमुख मुख्य परिचालन प्रबंधक गुरिंदर मोहन सिंह, प्रमुख मुख्य वाणिज्य प्रबंधल कुशाल सिंह, प्रमुख मुख्य इंजीनियर आशुतोष, प्रधान वित्त सलाहकार सुश्री मनजीत कौर, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी प्रभात, प्रमुख मुख्य इलेक्ट्रिकल इंजीनियर मुकेश, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) एम, एस हाशमी सहित मुख्यालय के अन्य विभाग के प्रमुख मुख्य विभागाध्यक्ष भी उपस्थित थे। इसके आलावा जबलपुर, भोपाल एवं कोटा के मंडल रेल प्रबंधक भी वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।

बैठक में स्टेशन पुनर्विकास, कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स), फ्रेट लोडिंग, ओरजिनेटिंग रेवन्यू बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही की-परफॉरमेंस इन्डेक्स (केपीआई ) के सभी बिंदुओं पर फोकस रखने, गतिशक्ति मल्टी मॉडल कार्गो टर्मिनल (जीएसटी) एवं प्राइवेट फ्रेट टर्मिनल (पीएफटी) को विकसित करने, गुड्स ट्रैफिक में इम्प्रूवमेंट एवं ट्रेनों के सेफ्टी अनुक्षण जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा रेल कर्मियों को सेफ्टी से अनुरक्षण के दौरान मिलने वाली सुविधाओं एवं सेफ्टी उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाय एवं रेलगाड़ियों के संरक्षित परिचालन पर जोर देने की बात कही गई। इसके साथ ही ट्रेनों के कवच इंस्टालेशन जैसे अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

  उन्होंने संबंधित अधिकारियों को रेलवे प्रोजेक्ट्स कार्यो एवं स्टेशन रिडवलपमेंट के कार्य की समीक्षा और तेजी लाने के लिए आवशयक दिशा-निर्देश दिए। महाप्रबंधक ने संरक्षा एवं सुरक्षा के सम्बन्ध में रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने संरक्षा से सम्बंधित सुधारों को योजनाबद्ध तरीके से पालन करने हेतु निर्देशित किया। उन्होंने रेलगाड़ियों की पंक्चुअलिटी मॉनिटर करने, एवं ट्रेनों की स्पीड सबंधी कार्यों तथा सेफ्टी पर जोर देने की बात कही। महाप्रबंधक ने तीनों मण्डल पर कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) का अधिकतम उपयोग के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। मीटिंग के दौरान महाप्रबंधक ने कहा कि ओरजिनेटिंग रेवन्यू बढ़ाने के हेतु कारगर उपायों पर ध्यान दिया देने की आवश्यकता है। इसके आलावा तीनों मण्डलों  को गुड्स ट्रैफिक में इम्प्रूवमेंट गतिशक्ति मल्टी मॉडल कार्गो टर्मिनल (जीएसटी) एवं प्राइवेट फ्रेट टर्मिनल (पीएफटी) को विकसित करने के लिए निरंतर मॉनेटरिंग सुनिश्चित की जाय। इसके अलावा स्टेशन पुनर्विकास अधोसरंचना निर्माण कार्यो में तेजी लाने और समयसीमा में पूर्ण करने सम्बन्धी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

महाप्रबंधक ने अधोसरंचना के कार्यो जैसे कवच इंस्टालेशन की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि रेलवे के लिए संरक्षा सर्वोपरि है। उन्होंने रेलवे राजस्व एवं यात्री सुविधाओं में बढ़ोत्तरी के कार्य और परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और तीनों मण्डल के सम्बंधित अधिकारियों को काम में तेजी लाने के निर्देश दिये।

 

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति