छत्तीसगढ़-गरियाबंद में मुठभेड़ में मारे गए सभी 14 नक्सलियों के शव लेकर पहुंचे जवान

गरियाबंद।

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला गरियाबंद में सुरक्षा बल और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में फोर्स को बड़ी कामयाबी मिली है। कुल्हाड़ी घाट में भालू डिग्गी जंगल में 14 नक्सली मारे गये हैं। सीआरपीएफ के कोबरा यूनिट का एक जवान भी घायल हुआ है, जिसे एयरलिफ्ट करके रायपुर लाया गया है।

घायल जवान का नाम धमेंद्र भोई है। अब तक 14 नक्सलियों के शव और हथियार बरामद कर लिये गये हैं। जवान मारे गये नक्सलियों का शव लेकर गरियाबंद पहुंच चुके हैं। गरियाबंद एसपी निखिल राखेचा ने अमर उजाला से टेलिफोनिक बातचीत में इस आशय की जानकारी दी है। दूसरी ओर 15 से ज्यादा नक्सलियों के मारे जाने की भी खबर है पर इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। सबसे बड़ी बात ये है कि इस एनकाउंटर में एक करोड़ का इनामी नक्सली जयराम उर्फ चलपती भी मारा गया है। वह नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी का मेंबर था।रविवार सुबह से जारी मुठभेड़ मंगलवार की शाम तक चली। कुल 40 घंटे तक मुठभेड़ चली। बताया जाता है कि भालू डिग्गी के जंगल में कुल एक हजार से अधिक जवानों ने 60 से अधिक नक्सलियों को चारों तरफ से घेर रखा था। इससे पहले रविवार को गरियाबंद में हुई मुठभेड़ में दो नक्सली ढेर हुए  थे, वहीं एक जवान भी घायल हुआ था।

कई अत्याधुनिक हथियार बरामद
गरियाबंद मुठभेड़ में एके 47, एसएलआर, आईएनएसएएस और अन्य स्वचालित हथियार बरामद किए गए हैं।

एक करोड़ का इनामी नक्सली जयराम उर्फ चलपती ढेर
गरियाबंद मुठभेड़ में एक करोड़ का इनामी नक्सली जयराम उर्फ चलपती मारा गया। वह नक्सलियों के केंद्रीय कमेटी मेंबर था। मारे गए नक्सलियों में माओवादियों के सीनियर कैडर भी शामिल हैं, जिनकी शिनाख्त की जा रही है l

ओडिशा-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर संयुक्त ऑपरेशन
नक्सल विरोधी सर्च अभियान में गरियाबंद ऑपरेशन ग्रुप ई30, कोबरा 207, सीआरपीएफ 65 एवं 211 बटालियन, sog नुआपाड़ा की संयुक्त पार्टी कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र में रवाना हुई थी। सुरक्षा बलों का दावा है कि इस मुठभेड़ में नक्सलियों के कई इनामी लीडर्स मारे गए हैं। छत्तीसगढ़ और ओडिशा फोर्स की ओर से जॉइंट ऑपरेशन चलाया गया था। इसमें कुल 10 टीम में शामिल थीं। इनमें तीन टीम ओडिशा से, दो छत्तीसगढ़ पुलिस से और सीआरपीएफ की पांच टीम शामिल रहीं। मुठभेड़ की सूचना पर फोर्स के वरिष्ठ अधिकारी मैनपुर पहुंची। पूरे एरिया में फोर्स की तैनाती रही। इसके अलावा तीन आईडी भी बरामद की है।

बस्तर से भागकर गरियाबंद पहुंचे नक्सली
बताया जाता है बस्तर संभाग में सुरक्षा बलों की कार्रवाई से थर्राकर नक्सली सुरक्षित ठिकाना खोज रहे हैं। इसलिये वो बस्तर से भागकर गरियाबंद की तरफ आ चुके हैं। इसकी सूचना पर फोर्स की ज्वॉइंट टीम गरियाबंद पहुंचकर नक्सल मुठभेड़ को अंजाम दिया। पहली बार इस मुठभेड़ में 14 नक्सलियों समेत एक करोड़ का इनामी नक्सली मारा गया।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति