मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के अधोसंरचना विकास को लेकर नागरिकों से सकारात्मक सुझाव आमंत्रित किए

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के अधोसंरचना विकास को लेकर नागरिकों से सकारात्मक सुझाव आमंत्रित किए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में जन-सहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। नागरिक अपने बहुमूल्य सुझाव मुख्यमंत्री सचिवालय को भेज सकते हैं। सरकार इन सुझावों पर गंभीरता पूर्वक विचार करेगी। अच्छे सुझावों पर अमल करने का पूरा प्रयास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि 23 जनवरी को भोपाल में जीजी फ्लॅय ओवर (गणेश मंदिर से गायत्री मंदिर तक) का लोकार्पण होगा। यह फ्लॉय ओवर शहर के यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और नागरिकों को जाम की समस्या से राहत दिलाने के उद्देश्य से बनाया गया है। जीजी फ्लॉय ओवर के लोकार्पण से क्षेत्र के निवासियों को न केवल समय की बचत होगी, बल्कि यातायात में होने वाली असुविधा भी स्थायी रूप से दूर होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लोकार्पण सरकार द्वारा 11 दिसम्बर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक प्रदेश में चलाये जा रहे 'मुख्यमंत्री जनकल्याण अभियान' के अंतर्गत विकास कार्यों के जरिये प्रदेश की जनता को दी जा रही सुविधाओं में से एक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुणे रवाना होने से पहले मीडिया को दिये संदेश में यह बात कही।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति