महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा में हाई कोर्ट के आदेश पर 34 अवैध इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया

पालघर
महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा में हाई कोर्ट के आदेश पर गुरुवार को 34 अवैध इमारतों को ध्वस्त कर दिया गया। इस दौरान इलाके में पोकलेन, जेसीबी और सुरक्षाबलों के 400 जवान तैनात थे। जिले के नालासोपारा पूर्व की अग्रवाल नगरी स्थित लक्ष्मी नगर में डंपिंग ग्राउंड और एसटीपी के लिए आरक्षित जमीन पर 41 अवैध इमारतें खड़ी कर ली गई थीं। हाई कोर्ट के आदेश और सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से इनकार के बाद वसई विरार शहर महानगरपालिका ने सात इमारतों को पहले ही गिरा दिया था। शेष 34 इमारतों को गुरुवार को ध्वस्त किया गया।

मौके पर तैनात एसीपी उमेश माने पाटील ने बताया, "हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के अनुसार महानगर पालिका के तहत अवैध इमारतों के तोड़े जाने की कार्रवाई आज हो रही है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 50 पुलिस के जवानों का तैनात किया गया है। इसमें पुलिस के बड़े अधिकारी और कांस्टेबल भी हैं। महाराष्ट्र सुरक्षाबल के जवान भी मौजूद हैं।"

वसई विरार शहर महानगरपालिका के सहायक आयुक्त मोहन संखे ने बताया, "इसके पहले सात अवैध इमारतों को तोड़ा जा चुका है, बाकी 34 अवैध इमारतों पर आज कार्रवाई हो रही है। अवैध इमारतों को गिराने के लिए पोकलैंड, जेसीबी और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए 400 जवानों की तैनाती की गई है।"

उल्लेखनीय है कि कोर्ट द्वारा हाल में महानगर पालिका को सभी 41 अवैध इमारतों को तोड़ने का आदेश जारी करने के बाद राजनीतिक बयानबाजी देखने को मिली थी। विपक्षी गठबंधन महा विकास अघाड़ी के नेता इस कार्रवाई पर सत्ताधारी महायुति सरकार को घेर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस कार्रवाई से 41 इमारतों में रहने वाले लगभग दो हजार परिवारों पर असर पड़ेगा।

admin

Related Posts

हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति