गुंजा और कविता ने मिलकर नया जीवन शुरू करने का लिया फैसला, हिंदू रीति रिवाज से एक-दूसरे से शादी की

देवरिया
देवरिया जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है। दो महिलाएं अपने-अपने पतियों से इतनी परेशान हो गईं कि एक दूसरे में ही समस्‍या का समाधान नजर आया। वे दोनों न केवल अपने-अपने शराबी पतियों से अलग हो गईं बल्कि दोनों ने आपस में शादी भी कर ली। दोनों महिलाओं की मुलाकात फेसबुक और इंस्टाग्राम पर हुई थी। बातचीत के दौरान दोनों को अपनी पीड़ा एक जैसी लगी। दोनों ने पहले दोस्ती की फिर एक साथ जीने-मरने का फैसला लेकर शादी कर ली। पति-पत्नी बनी दोनों महिलाओं ने अब गोरखपुर में किराए का कमरा लेकर नया जीवन शुरू करने की योजना बनाई है।

झारखंड के रांची की रहने वाली गुंजा की शादी देवरिया जिले के रुद्रपुर कस्बे में हुई थी। गुंजा का पति शराबी था और रोज पत्नी के साथ मारपीट करता था। पति की प्रताड़ना से तंग आकर गुंजा ने लगभग 8 साल पहले घर छोड़ दिया और गोरखपुर में किराए का कमरा लेकर रहने लगी। गोरखपुर में रहने के दौरान गुंजा की मुलाकात सोशल मीडिया पर कविता नाम की एक महिला से हुई। कविता गोरखपुर के झंगहा थाना क्षेत्र के एक गांव की निवासी थी और शराबी पति की प्रताड़ना के चलते उसने भी अपना घर छोड़ दिया था। सोशल मीडिया पर ही दोनों ने अपना-अपना दर्द साझा किया तो दोनों को अपनी-अपनी पीड़ा एक जैसी लगी।
एक जैसा दर्द लगा तो आपस में करने लगीं प्यार

पति बनी गुंजा ने बताया कि बातचीत के दौरान हम दोनों को अपना दर्द एक जैसा लगा तो हम लोग अपना काफी समय एक दूसरे के साथ बिताने लगी। इसी दौरान दोनों एक दूसरे से प्यार करने लगीं और एक ही साथ रहने लगीं। गुंजा और कविता ने बताया कि हम दोनों अपने-अपने पतियों की प्रताड़ना से इतनी तंग आ चुकी थी कि दूसरी शादी के बारे में सोचने से भी डर लग रहा था। ऐसे में हम दोनों ने एक आपस में ही शादी करने का फैसला ले लिया। क्योंकि अब हम दोनों एक दूसरे के बिना रह नहीं सकती।
पति बनकर गुंजा ने कविता की मांग में डाला सदूर

गुरुवार की शाम को दोनों महिलाएं रुद्रपुर कस्बे में स्थित दुर्गेश्वर नाथ मंदिर पहुंचीं। यहां गुंजा ने पति की भूमिका निभाते हुए कविता की मांग में सिंदूर भरा, फिर दोनों महिलाओं ने भगवान शिव को साक्षी मानकर एक दूसरे के गले में वरमाला पहनाई और हिंदू रीति रिवाज से आपस में शादी कर ली।

दो महिलाओं के आपस में शादी करने की बात फैलते ही मंदिर पर क्षेत्रीय लोगों की भारी भीड़ जुट गई। पत्नी कविता ने बताया कि हम लोग अब नए जीवन की शुरुआत करेंगे। शादी के बाद हम लोगों का नाम नहीं बदलेगा। मैं अपने पति गुंजा को बबलू के नाम से बुलाऊंगी।

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