ममता कुलकर्णी ने ली संन्यास की दीक्षा, दीक्षा लेने के बाद भगवा वस्त्र धारण किये, मिला नया नाम

प्रयागराज
प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ पहुंचीं अभिनेत्री ममता कुलकर्णी ने संन्यास की दीक्षा ले ली है। अभिनेत्री को नया नाम दे दिया गया है। दीक्षा लेने के बाद ममता कुलकर्णी ने भगवा वस्त्र धारण कर लिया है। महाकुंभ पहुंचीं ममता कुलकर्णी ने संगम तट पर अपने हाथों से पिंडदान किया। शाम को ममता का पट्टाभिषेक होगा।

बता दें, ममता कुलकर्णी को अब यमाई ममता नंद गिरि के नाम से जाना जाएगा। जूना अखाड़े की आचार्य लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी ने ममता कुलकर्णी को दीक्षा दी। अभिनेत्री महाकुंभ में किन्नर अखाड़े में रह रही हैं। अभिनेत्री सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती हैं। उन्होंने महाकुंभ से कई तस्वीरों और वीडियो को साझा किया, जिसमें वह भगवा वस्त्र पहने साध्वियों के साथ खड़ी नजर आईं।

एक अन्य वीडियो में अभिनेत्री ने बताया था कि वह मौनी अमावस्या पर महाकुंभ में स्नान करेंगी। अभिनेत्री ने बताया कि वह शुक्रवार को काशी विश्वनाथ मंदिर जाएंगी और फिर अयोध्या धाम भी जाने की योजना है। ममता कुलकर्णी ने यह भी बताया कि इसके बाद वह अपने माता-पिता का पितृ तर्पण भी करेंगी। हाल ही में एक वीडियो शेयर कर उन्होंने प्रशंसकों को महाकुंभ के शाही स्नान में शामिल होने की जानकारी दी थी।

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए क्लिप में अभिनेत्री कहती नजर आई थीं, “नमस्ते दोस्तों, शुभ प्रभात, मैं कल दुबई वापस जा रही हूं और जनवरी में मैं कुंभ मेले में शामिल होने के लिए आऊंगी। मैं इलाहाबाद में शाही स्नान करने और डुबकी लगाने के लिए वापस आऊंगी। तब तक आप सभी अपना ख्याल रखिए। मैं अपने सभी प्रशंसकों की आभारी हूं जिन्होंने मुझे ढेरों प्यार दिया और मुझे इतना प्यार देने के लिए आप सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद।”

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर ममता ने भारत आने की जानकारी दी थी। क्लिप में कुलकर्णी कहती नजर आई थीं, "हेलो दोस्तों, मैं ममता कुलकर्णी 25 साल बाद भारत 'आमची मुंबई' लौटी हूं। यहां आकर मेरी पुरानी यादें ताजा हो गईं। फ्लाइट के उतरने से पहले मैं बहुत उत्साहित थी और अपने इधर-उधर देख रही थी।"

उन्होंने सालों बाद भारत लौटने के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा था, "मैंने अपने देश को करीब 25 साल बाद जब ऊपर से देखा (प्लेन के लैंडिंग के दौरान)। यह देखकर मैं भावुक हो गई थी। मेरी आंखों में आंसू आ गए थे। मैंने जब मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से बाहर कदम रखा ,तो मैं बेहद खुश और उत्सुक थी।"

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति