महू में 27 जनवरी को होने वाली कांग्रेस की संविधान बचाओं यात्रा को देखते हुए भाजपा ने नया दांव खेला, सीएम एक लाख हितग्राहियों को देंगे लाभ पत्र

इंदौर
महू में 27 जनवरी को होने वाली कांग्रेस की संविधान बचाओं यात्रा को देखते हुए भाजपा ने नया दांव खेला है। 27 जनवरी को ही सुबह 10 बजे इंदौर में सुपर कॉरिडोर के पास गांधी नगर चौराहे के समीप मैदान पर मुख्यमंत्री मोहन यादव एक लाख हितग्राहियों को जनकल्याण योजनाओं के लाभ पत्र सौंपेगे।

इंदौर में होने वाले इस आयोजन में धार व आसपास जिलों के हितग्राहियों को बुलाया जाएगा। व्यवस्था के लिए आसपास के जिलों से पुलिस बल भी बुलाया जाएगा।

महू में कांग्रेस की जय बापू, जय भीम, जय संविधान यात्रा

महू में 27 जनवरी को कांग्रेस की ‘जय बापू, जय भीम, जय संविधान’ यात्रा होने जा रही है। वेटरनरी कॉलेज में सभा के लिए तीन अलग-अलग डोम बनाए जा रहे हैं। इसके साथ ही हेलिपेड भी तैयार किए जा रहे हैं। लेकिन महू के दशहरा मैदान पर बनाए जाने वाले हेलिपेड की अनुमति सुरक्षा की दृष्टि से रद कर दी है।

दरअसल, दशहरा मैदान के आसपास कई हाईराइज इमारतें हैं। जिसके कारण अब दशहरा मैदान में हेलिपेड नहीं बनेगा। इसकी जगह पर तेलीखेड़ा जेल रोड पर बने हुए हेलिपेड का उपयोग किया जाएगा।

राहुल गांधी के साथ प्रियंका भी आएंगी

27 जनवरी को कांग्रेस के होने वाले कार्यक्रम में लोकसभा नेता प्रतिपक्ष व सांसद राहुल गांधी, प्रियंका वाड्रा, राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे महू आएंगे। इसके साथ ही चार मुख्यमंत्री, 200 विधायक, 20 सांसद, कांग्रेस वर्किंग कमेटी के 31 सदस्य, सभी प्रदेशों के अध्यक्ष, पूर्व मुख्यमंत्री सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता शामिल होंगे।

कार्यक्रम के तहत राहुल गांधी, प्रियंका गांधी व मल्लिकार्जुन खरगे तीनों हेलिकॉप्टर से पहले दशहरा मैदान उतरने वाले थे। परंतु वहां हाईराइज इमारतें होने के कारण अब उसकी अनुमति रद कर दी गई है। इसके कारण अब दौरे का पूरा कार्यक्रम बदल गया है। अब संभवत: तीनों सभा होने के बाद ही आंबेडकर जन्मभूमि स्मारक पहुंचेंगे।

 

रैनबसेरों का लगातार करें निरीक्षण
मुख्यमंत्री ने रैन बसेरों के निरीक्षण पर भी जोर दिया और कलेक्टरों को शीतकाल में रैन बसेरों में रहने वालों की अच्छी देखभाल करने तथा रैन बसेरों का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, कलेक्टरों से थानों का आकस्मिक निरीक्षण करने और जिले की घटनाओं पर बारीकी से नजर रखने का भी आह्वान किया।

नि:क्षय अभियान में 23 जिले चिन्हित
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए नि:क्षय अभियान के अंतर्गत टी.बी. के नियंत्रण के लिए राज्य के 23 जिलों को चिन्हित किया है। उन्होंने कलेक्टरों को इस अभियान को गति देने का निर्देश दिया। प्रदेश के पांच जिलों, मंदसौर, नरसिंहपुर, मंडला, बैतूल और खंडवा, इस अभियान के क्रियान्वयन में शीर्ष पर हैं। उन्होंने टी.बी. मरीजों को फूड बास्केट वितरण में भी जबलपुर, नरसिंहपुर, मंदसौर, अनूपपुर और मंडला जिलों की सराहना की।

रेडक्रॉस सोसायटी का सहयोग करें प्राप्त
स्वास्थ्य संचालक ने जानकारी दी कि मंदसौर में एक्सरे मशीन की खरीदी, सीहोर में जनप्रतिनिधियों द्वारा एक-एक टी.बी. रोगी की देखभाल का प्रण लेने और उज्जैन एवं नीमच में टी.बी. रोगियों के पंजीयन और उपचार के कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडक्रॉस सोसायटी, एनसीसी और एनएसएस जैसे संगठनों का टी.बी. उन्मूलन अभियान के लिए सहयोग प्राप्त किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान योजना में निर्धन वर्ग के नागरिकों की सहायता के लिए जिलों में समन्वय पूर्वक सहायता के कार्य किए जाएं।

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति