छत्तीसगढ़ के दो पूर्व मुख्यमंत्री,रमन सिंह और भूपेश बघेल,सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आमने-सामने

रायपुर

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद को लेकर पूर्व सीएम भूपेश बघेल और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह  सोशल मीडिया पर भिड़ गए। दरअसल, नक्सलवाद को लेकर पहला पोस्ट रमन सिंह ने किया। उन्होंने कांग्रेस पर नक्सलियों से मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने लिखा कि नक्सलियों की मदद करना और वोट के लिए उनका इस्तेमाल करना कांग्रेस की हमेशा से नीति रही है।

बघेल का तंज…आपका ये हाल BJP ने ही किया

रमन सिंह यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि आज जब डबल इंजन की सरकार में नक्सलवाद खात्मे की ओर जा रहा है, तब कांग्रेस के पेट में दर्द उठ रहा है। रमन सिंह की पोस्ट का जवाब पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने दिया। कांग्रेस सरकार में सीएम रहे भूपेश बघेल ने डॉ. सिंह की पोस्ट पर पलटवार किया। उन्होंने लिखा कि बस याद दिलाना चाहता हूं डॉक्टर साहब कि अब आप मुख्यमंत्री नहीं हैं न ही पार्टी के प्रवक्ता हैं। अब आप विधानसभा अध्यक्ष हैं। अन्यथा न लें पर आपका ये हाल आपकी पार्टी बीजेपी ने ही किया है।

रमन सिंह : छत्तीसगढ़ महतारी का सेवक

भूपेश बघेल ने कहा कि आपका दायित्व है कि अब दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी को संरक्षण दें। बघेल की इस पोस्ट पर रमन सिंह ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विधायक जी जब भी विषय मेरे छत्तीसगढ़ की सुरक्षा या नक्सल का होगा, तब अंतिम सांस तक मैं छत्तीसगढ़ महतारी के पक्ष में खड़ा रहूंगा। पद चाहे मुख्यमंत्री का हो या विधानसभा अध्यक्ष का, लेकिन मैं हमेशा छत्तीसगढ़ महतारी के सेवक  के रूप में प्रदेश के हित में अपनी आवाज उठाता रहूंगा।

भूपेश बघेल:  15 साल सेवा का  अवसर दिया

इसके बाद भूपेश बघेल ने एक फिर पोस्ट लिखा माननीय पूर्व मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर साहब,हम सब चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ के प्रत्येक नागरिक की तरह आप भी नक्सलवाद के खिलाफ आवाज बुलंद करते रहें। छत्तीसगढ़ महतारी ने आपको पंद्रह साल सेवा का अवसर दिया, तब यदि सुरक्षा सलाहकार से वेतन लो, मौज करो कहने की बजाय नक्सल नीति पर काम किया होता तो आज हम बहुत आगे खड़े होते।

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