पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया ने कहा- उपचुनाव में भाजपा की जीत के सदमे से अभी नहीं उबर पाई कांग्रेस

जयपुर
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री सुभाष महरिया ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के भाजपा नेताओं को लेकर दिए बयानों पर पलटवार करते हुए कहा है कि कांग्रेस विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की जीत के सदमे से अभी उबर नहीं पाई है, इसलिए उसके नेता अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं। श्री महरिया ने अपने बयान में यह बात कही। उन्होंने श्री डोटासरा के बयान की निंदा करते हुए कहा कि संविधान के पावन पर्व के अवसर पर श्री डोटासरा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ सहित अन्य नेताओं पर अमर्यादित भाषा का प्रयोग करके सारी हदें पार कर दी है।

उन्होंने कहा कि श्री डोटासरा को संविधान की बात करने से पहले यह सोचना चाहिए कि देश में आपातकाल किसने लगाई। पूरा देश जानता है कि कांग्रेस ने हमेशा परिवारवाद की राजनीति की है। श्री महरिया ने कहा कि श्री राठौड़ भाजपा के वरिष्ठ और अनुभवी नेता होने के साथ ही संसद सदस्य तथा पूर्व विधायक भी हैं। उनके बारे में व्यक्तिगत टिप्पणी करना बहुत ही अशोभनीय है।

उन्होंने कहा कि उपचुनावों के दौरान बड़ी-बड़ी बातें करने वाली कांग्रेस पार्टी और श्री डोटासरा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा तथा श्री राठौड़ के नेतृत्व में उपचुनावों में भाजपा को मिली शानदार जीत के सदमें से अब तक उबरे नहीं है। इसलिए हल्की मानसिकता का परिचय दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता इस तरह के हल्के बयानों को सहन नहीं करेगा और करारा जवाब दिया जाएगा।

 

  • admin

    Related Posts

    अजित पवार की मौत पर सियासत तेज: ममता बोलीं– सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो जांच, भरोसा खत्म

    कोलकाता महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार सुबह एक दुखद विमान दुर्घटना में निधन हो गया। यह हादसा पुणे जिले के…

    ‘अयोध्या से कटियार ही लड़ें’— बृजभूषण शरण सिंह का बड़ा बयान, सियासत में साजिश का आरोप

    गोंडा कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा है कि अयोध्या लोकसभा सीट पर पहला हक विनय कटियार का है और उन्हें ही चुनाव लड़ना चाहिए। उन्होंने यह…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति