राज्य सरकार गरीब, महिला, किसान और युवाओं सहित सभी वर्गों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर अभियान संचालित कर रही : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जापान तकनीक और आर्थिक क्षेत्र में मध्यप्रदेश के साथ जुड़कर कार्य करने का इच्छुक है। उनकी जापान यात्रा प्रदेश के विकास और प्रगति के नए आयाम स्थापित करने का मार्ग प्रशस्त करेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 24-25 फरवरी को भोपाल में होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के लिए जापान के उद्योग समूहों को नई तकनीक के साथ आमंत्रित करना उनकी जापान यात्रा का उद्देश्य है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि राज्य सरकार गरीब, महिला, किसान और युवाओं सहित सभी वर्गों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर अभियान संचालित कर रही है। शासकीय एवं निजी दोनों क्षेत्र में औद्योगिकरण, कृषि, पशुपालन सहित सभी क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। सरकार का प्रयास है कि सभी को आत्मनिर्भरता के साधन मिलें, उनकी क्षमता और कौशल का उन्नयन हो और परिवारों की आय बढ़ें, इस उद्देश्य से प्रत्येक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। गत वर्ष किए गए विभिन्न प्रयासों के परिणामस्वरूप प्रदेश ने सभी क्षेत्रों में प्रगति कर उपलब्धियां दर्ज कराई हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में सभी प्रदेशवासी आश्वस्त है कि मध्यप्रदेश अपनी क्षमता के आधार पर आगे बढ़ेगा और देश को विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जापान दौरे का प्रथम दिवस

मुख्यमंत्री डॉ. यादव जापान दौरे के पहले दिन 28 जनवरी को टोक्यो में विभिन्न महत्वपूर्ण बैठकों और कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री टोक्यो (जापान) में भारत के राजदूत सिबी जॉर्ज के साथ बैठक में जापान के निवेशकों और औद्योगिक संस्थानों के प्रमुखों के साथ मध्यप्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों के बढ़ावा देने वाले क्षेत्रों और संभावनाओं के विषयों पर चर्चा करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव "फ्रेंड्स ऑफ एमपी-जापान" टीम के साथ भेंट करेंगे और सहयोग के विभिन्न विषयों और गतिविधियों पर चर्चा करेंगे। इसके बाद टोयोटा मोटर कॉरपोरेशन के वरिष्ठ अधिकारियों, तकायुकी कान्नो, तोशियुकी नाकाहारा और मसाहिरोनोगी के साथ औद्योगिक और निवेश सहयोग के विषय पर बैठक करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव दोपहर में, गांधी पार्क, एदोगावा जाएंगे, जहां वे महात्मा गांधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद टोक्यो स्थित भारतीय दूतावास में "सेलिब्रेटिंग इंडिया-जापान रिलेशनशिप : फोकस मध्यप्रदेश" रोड-शो में सहभागिता करेंगे। इस कार्यक्रम में भारत और जापान के सांस्कृतिक और आर्थिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाने और मध्यप्रदेश में निवेश के अवसरों और सहयोग के विषयों पर चर्चा की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव टोक्यो मेट्रोपॉलिटन गवर्नमेंट भवन में गवर्नर सुयुरिको कोइके से मुलाकात करेंगे। साथ ही राजदूत सिबी जॉर्ज द्वारा इंडिया हाउस में आयोजित रात्रि भोज में शामिल होंगे।

 

admin

Related Posts

अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

धर्म

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति