विनोद बंसल ने बताया- विमान कंपनियों ने सामान्य श्रेणी का किराया 200 से 700 प्रतिशत तक बढ़ाया

नई दिल्ली
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 13 जनवरी से आयोजित भव्य महाकुंभ में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। बस, ट्रेन और हवाई मार्ग से श्रद्धालु पवित्र संगम में स्नान करने के लिए आ रहे हैं। इस बीच विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) के प्रवक्ता विनोद बंसल ने दावा किया कि विमान कंपनियों ने सामान्य श्रेणी के किराए में 200 प्रतिशत से 700 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है।

विहिप प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को टैग करते हुए लिखा कि प्रयागराज की पावन धरा पर हो रहे महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा, सुरक्षा और सुविधाओं का राज्य सरकार तो पूरा ध्यान रख ही रही है, अनेक धार्मिक, सामाजिक व सेवाभावी संगठन व लोग भी निस्वार्थ भाव से सेवा में जुटे हैं। लेकिन, कुछ विमानन कंपनियां यात्रियों की बढ़ती संख्या का अनुचित लाभ लेते हुए हवाई किराए में बेतहाशा वृद्धि कर अनाप-शनाप किराया वसूल कर रही हैं। जो सर्वथा अनुचित और अनैतिक है। यह अवसर आतिथ्य सेवा, समर्पण और श्रद्धा भाव से सत्कार का है, न कि अनुचित किराया वसूली का।

उन्होंने आगे कहा, "एक ओर जहां भारतीय रेल ने तीर्थराज आने तथा वहां से लौटने वाले यात्रियों के लिए अपनी सेवाओं का विस्तार किया है, तो वहीं अपने किरायों को भी सीमित रखा है। लेकिन, विमान कंपनियों ने अपने सामान्य श्रेणी के किराए को भी 200 प्रतिशत से 700 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है, जिसके कारण कुंभ में आने और वहां से जाने वाले श्रद्धालुओं को गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि रेल टिकट मिल नहीं रही और आर्थिक तंगी के कारण अनायास बेतहाशा बढ़ीं हवाई टिकट लेने में असमर्थ हैं। ऐसे में विमानन कंपनियों को अपने किराए को सीमित कर सेवाओं का विस्तार और यात्रियों की सुविधा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।"

अपनी बात रखते हुए उन्होंने सरकार से ऐसी कंपनियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की अपील की। कहा, "कुंभ में अभी मात्र एक माह का समय शेष है, जो कि अनुचित पैसा कमाने का नहीं, अपितु अतिथि सेवा लाभ कमाने का समय है, जिसका फल ये कंपनियां जीवन भर प्राप्त कर सकेंगी। इनके बीच प्रतिस्पर्धा किराया बढ़ाने की नहीं, अपितु हवाई किराए को घटाने व सेवाओं के विस्तार की होनी चाहिए। यदि विमानन कंपनियां कुंभ में जाने और वहां से लौटने वाले यात्रियों की टिकट की राशि में सुचिता नहीं बरततीं, तो नागरिक उड्डयन मंत्रालय तथा अन्य संबंधित विभागों को इस बारे में त्वरित कदम उठाए जाने की आवश्यकता है। हमें आशा है कि संबंधित सभी विभाग व कंपनियां इस पर गंभीरता से विचार कर किराया वसूली के इस अनुचित व अनैतिक कार्य को अविलंब रोकेंगे।"

 

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