खरगोन में आदिवासी छात्रावास में धर्मांतरण का प्रयास, वार्डन ने बाइबल पढ़ने मजबूर किया

 खरगोन

 खरगोन में एक सरकारी कन्या छात्रावास का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हॉस्टल वॉर्डन बच्चियों से रोजाना बाइबिल पढ़वा रही थी. बाथरूम और बर्तन साफ भी करवा रही थी. छात्रावास से बाइबिल और प्रार्थनाएं लिखीं कॉपियां जब्त की गई हैं. आदिवासी विकास विभाग सहायक आयुक्त ने वॉर्डन को तत्काल हटाया दिया है और जांच टीम बनाई है.

  जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर भीकनगांव विकासखंड का यह मामला है. यहां शासकीय अजजा कन्या आश्रम छिरवा की बालिकाओं को रोजाना बाइबिल पढ़वाने और ईश प्रार्थना कराने, बाथरूम और बर्तन साफ कराने का मामला सामने आया. मारपीट और दबाव से परेशान हॉस्टल की सभी छात्राएं डीएम से शिकायत करने निकलीं और जब ग्रामीणों ने बच्चियों से कारण पूछा तो पता चला होस्टल वॉर्डन रीता खरते रोजाना बाइबिल पढ़वाती हैं और सुबह शाम प्रार्थना कराती है. झाड़ू लगवाती है, बाथरूम और बर्तन साफ कराती है. मना करने पर मारपीट भी करती है.

जब ये बात गांव से विकासखंड शिक्षा अधिकारी को पता चला तो वे और एसडीएम जांच के लिए रवाना हो गए. आदिवासी विकास विभाग सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य को सूचना मिलने पर उन्होंने तत्काल होस्टल वॉर्डन रीता खरते को हटा दिया. उन्होंने जांच के आदेश दिए हैं. मामले की सूचना मिलने पर हिन्दू संगठनों में भी रोष है.

बच्चियों के पास बाइबिल और कॉपी पर प्रार्थनाएं
मामले की शिकायत मिलने पर जांच के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी दिनेश चंद पटेल पहुंचे तो उन्होंने पाया बच्चियों के पास बाइबिल थी और कॉपी पर प्रार्थनाएं लिखी हुई दिखीं. उन्हें जब्त कर लिया गया है.

एक छात्रा ने बताया, ''वॉर्डन हमसे सुबह 5 बजे गेहूं साफ कराती हैं. अपने पति को बेचने के लिए भेज देती हैं. 6 बजे तक वह बेचकर आ जाते हैं. यही नहीं, वॉर्डन मारपीट भी करती हैं. हमारे हॉस्टल से दो लड़कियां भाग गईं तो उन्हें पटक-पटककर मारा था. बाथरूम भी हमसे साफ करवाती हैं और कहती हैं कि कोई पूछे तो कह देना कि दूसरे लोग धोते हैं. हमसे यीशु भगवान की रात को 12 बजे प्रार्थना करवाती हैं और सुबह 5 बजे भी प्रार्थना करवाती हैं. हमसे बाइबल भी पढ़वाती हैं.''

इनका कहना

आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त प्रशांत आर्य का कहना है, मुझे इस संबंध में जानकारी मिली है. विकासखंड शिक्षा अधिकारी से भी इस संबंध में बात की है. एसडीएम भी वहां पहुंचे हैं. जानकारी मिलते ही तत्काल हॉस्टल वॉर्डन को हटा दिया गया है. इसकी जांच कराकर नियम अनुसार कार्रवाई करेंगे. बच्चों से बाथरूम और बर्तन साफ करने की बात पर प्रशांत आर्य का कहना है कि इसलिए तत्काल हॉस्टल वॉर्डन को हटाया गया है ताकि जांच प्रभावित न हो. जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

 

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