बैंड की सुरमयी और आकर्षक प्रस्तुतियों ने बांधा समाँ : राज्यपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में हुआ ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह

बैंड की सुरमयी और आकर्षक प्रस्तुतियों ने बांधा समाँ : राज्यपाल

गणतंत्र दिवस के आयोजनों के समापन का प्रतीक ‘बीटिंग द रिट्रीट’

राज्यों की राजधानियों में से केवल भोपाल में होता आयोजन

भोपाल

राज्यपाल मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में बुधवार को “बीटिंग द रिट्रीट’’ समारोह सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की सम्पन्नता के साथ ही गणतंत्र दिवस के आयोजन पूर्ण हुए। समारोह जहांगीराबाद स्थित लाल परेड मैदान में आयोजित हुआ। राज्यपाल के समक्ष कार्यक्रम में कुल 33 संगीत रचनाओं को प्रस्तुत किया गया। बैंड कॉन्सर्ट में 12 एवं बैंड डिस्प्ले में 21 संगीतमय प्रस्तुतियां दी गईं। संयम, अनुशासन और एकरूपता बैंड प्रस्तुतियों का मुख्य आकर्षण रहा।

बीटिंग द रिट्रीट समारोह में प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव के. सी. गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी और आमंत्रित अतिथि उपस्थित थे।

पुलिस ब्रॉस बैंड कॉन्सर्ट ने दर्शकों को किया मंत्रमुग्ध

राज्यपाल पटेल के “बीटिंग द रिट्रीट’’ समारोह में आगमन पर पुलिस ब्रास बैंड ने धुन बजाकर स्वागत किया। पुलिस ब्रास बैंड कॉन्सर्ट में देशभक्ति गीतों और फिल्मी गीतों की शानदार धुनें प्रस्तुत की गईं। निरीक्षक सुनील कटारे के नेतृत्व में “राग यमन” से शुरू हुआ धुनों का यह कारवां ''ऐ वतन वतन मेरे, ''पुकारता चला हूं मैं'', ''ये शाम मस्तानी'', “तेरी मिट्टी”, “छूकर मेरे मन को”, “ये रात भीगी भीगी” और “यारी है ईमान मेरा” गीतों की धुनों के साथ आगे बढ़ा। इस दौरान एक से बढ़कर एक संगीतमय प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को आनंदित कर दिया। कॉन्सर्ट के अंतिम चरण में जैसे ही “जय हो” गीत की धुन पुलिस ब्रास बैंड ने बजाई तो तालियों की गड़गड़ाहट से सारा स्टेडियम गूंज उठा।

बैंड डिस्प्ले में धुनों पर किया मार्चपास्ट

पुलिस ब्रास बैंड कॉन्संर्ट के बाद बैंड डिस्प्ले का आयोजन किया गया। इसमें मास्ड बैंड, पुलिस पाईप बैंड, और पुलिस ब्रास बैंड के बाद पुन: मास्ड बैंड ने प्रस्तुतियां दीं। इनमें फेनफेयर, क्विक मार्च, एंट्री मार्च, स्लो मार्च और एक्जिट मार्च में बैंड की धुनों पर मार्चपास्ट किया गया। सुमधुर गीतों की आकर्षक धुनों से श्रोता अभिभूत हो गए। रिट्रीट के पूर्व मास्ड बैंड ने ड्रम रोल की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के समापन पर बैंड द्वारा प्रस्तुत “सारे जहाँ से अच्छा’’ गीत की धुन पर जवानों ने मार्चपास्ट किया।

कार्यक्रम के अंत में महिला पुलिस बल द्वारा राष्ट्र ध्वज का आरोहण किया गया। सलामी देकर ससम्मान राष्ट्रीय ध्वज को उतारकर सुरक्षित रखा गया। रंगारंग कार्यक्रम के उत्साह, उल्लास और उमंग को प्रदर्शित करने के लिए आकर्षक और भव्य आतिशबाजी की गई।

दिल्ली के बाद केवल भोपाल में ही होता है बीटिंग द रिट्रीट

भारत में "बीटिंग द रिट्रीट" गणतंत्र दिवस समारोह के समापन का प्रतीक है। प्रत्येक वर्ष 29 जनवरी की शाम को अर्थात गणतंत्र दिवस के तीसरे दिन "बीटिंग द रिट्रीट" का आयोजन किया जाता है। इस कार्यक्रम के साथ ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस के कार्यक्रमों का औपचारिक समापन होता है। राज्यों में केवल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में ही “बीटिंग द रिट्रीट” समारोह का आयोजन किया जाता है।

उल्लेखनीय है कि बीटिंग रिट्रीट" एक प्राचीन सैन्य परंपरा है, युद्ध में जैसे ही बिगुलों से "रिट्रीट" की आवाज दी जाती थी, युद्धरत सैनिक अपने हथियार बंद कर युद्ध के मैदान से हट जाते थे। युद्ध में उपयोग होने वाले रंग, मानक आवरण और झंडे "रिट्रीट" पर उतार दिए जाते थे।

 

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