परीक्षाओं में बुर्के पर बैन लगाने की मांग, मंत्री नितेश राणे ने लिखा पत्र, जानें क्या दलील दी?

मुंबई
 महाराष्ट्र में बोर्ड परीक्षाओं की शुरुआत से बुर्के को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। फडणवीस सरकार में मत्स्य विकास मंत्री नितेश राणे ने बुर्का पहन कर परीक्षा देने वाली छात्राओं पर रोक लगाने की मांग की है। राणे ने स्कूली शिक्षा मंत्री दादा भुसे को पत्र लिखकर बुर्का पहनकर आने वाली छात्राओं को परीक्षा केंद्रों में प्रवेश न देने की मांग की है। नितेश राणे बीजेपी के नेता है, जबकि दादा भुसे शिवसेना के कोटे से महायुति सरकार में मंत्री हैं। राणे ने पत्र ऐसे वक्त पर लिखा है जब राज्य में महाराष्ट्र शिक्षा बोर्ड की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में अब कुछ ही दिन बाकी रह गए हैं।

राणे के पत्र पर मचा बवाल
नितेश राणे की इस पत्र से बवाल मच गया है। दसवीं की परीक्षाएं 21 फरवरी से शुरू होनी हैं। राणे ने लिखा है कि 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण परीक्षाएं हैं। उनका पूरा भविष्य इस पर निर्भर करता है। राणे की दलील है कि यदि बुर्का पहनकर परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाती है, तो यह जांचना संभव नहीं है कि छात्रा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग करके परीक्षा दे रही है या नहीं। यदि अनुचित घटना घटती है तो समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

पहले भी हो चुका है विवाद
महाराष्ट्र में इससे पहले भी बुर्के और हिजाब को लेकर विवाद खड़ा हो चुका है। मुंबई के स्कूल का विवाद सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था। बाद में सर्वोच्च अदालत ने फैसला सुनाने तक आदेश को स्थगित कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने तब मुंबई के कुछ स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब पर प्रतिबंध लगाने के मामले पर सुनवाई करते हुए कहा था कि छात्राओं को यह चुनने की आज़ादी होनी चाहिए कि वे क्या पहनें। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि शिक्षण संस्थान छात्राओं पर अपनी पसंद थोप नहीं सकते। तब इस मामले पर राजनीतिक बयानबाज़ी भी हुई थी।

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