महाकुंभ मेला क्षेत्र में स्थिति बिल्कुल सामान्य हो चुकी, स्नान ध्यान का क्रम निर्बाध रुप से जारी

महाकुंभ नगर
मौनी अमावस्या स्नान पर्व के दौरान हुये हादसे के बाद महाकुंभ मेला क्षेत्र में गुरुवार को स्थिति बिल्कुल सामान्य हो चुकी है और श्रद्धालुओं के स्नान ध्यान का क्रम निर्बाध रुप से जारी है। अधिकृत जानकारी के अनुसार आज सुबह दस बजे तक 82 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगा चुके थे जिसे मिला कर अब तक महाकुंभ में स्नान करने वालों की संख्या 27 करोड़ से अधिक हो चुकी है।
मेला क्षेत्र में उत्साह के साथ श्रद्धालुओं का जत्था संगम क्षेत्र की ओर आता जाता दिखाई दे रहा है। मेला क्षेत्र को नो व्हीकल जोन घोषित किये जाने के बाद आज सिर्फ नगर निगम,पुलिस और पैरा मिलेट्री फोर्स के वाहनों के अलावा सड़क पर एबुंलेंस ही दिखायी दे रही हैं। श्रद्धालुओं को अपने निकट के घाट में स्नान करने की अपील की जा रही है।
सुबह 11 बजे पुलिस उप महानिरीक्षक वैभव कृष्ण ने एक प्रेस कांफ्रेंस बुलायी है जिसमें मेला क्षेत्र से जुड़ी अहम जानकारी साझा की जा सकती हैं।
गौरतलब है कि मौनी अमावस्या स्नान पर्व के दौरान महाकुंभ मेला क्षेत्र के अखाड़ा मार्ग के निकट मची भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मृत्यु हो गयी थी और 60 अन्य घायल हुये थे जिनमें 36 का इलाज प्रयागराज में जारी है। हादसे की जांच के लिये मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय जांच आयोग का गठन किया गया है। इसके अलावा पुलिस भी हादसे के कारणों की जांच करेगी।

 

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति