श्रीलंकाई नौसेना द्वारा अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा पार करने के आरोप में छह भारतीय मछुआरों को रिहा किया

रामेश्वरम
श्रीलंकाई नौसेना द्वारा अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (आईएमबीएल) पार करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए छह भारतीय मछुआरों को श्रीलंका की जेल से रिहा कर दिया गया है। इन मछुआरों को 11 जनवरी को पाक जलडमरूमध्य के कच्चातीवु द्वीप के पास से मछली पकड़ते समय श्रीलंकाई नौसेना ने गिरफ्तार किया था।

गिरफ्तारी के बाद मछुआरों को श्रीलंकाई अदालत में पेश किया गया, जहां उन्हें सजा सुनाई गई। हालांकि, दोनों देशों के कूटनीतिक प्रयासों के बाद आठ में से छह मछुआरों को रिहा कर दिया गया है। रिहा किए गए मछुआरों को कोलंबो में भारतीय उच्चायोग को सौंपा गया, जहां उन्हें आपातकालीन यात्रा दस्तावेज़ और चिकित्सा जांच प्रदान की गई। इसके बाद मछुआरों को कोलंबो से चेन्नई लाया गया। चेन्नई हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क और आव्रजन जांच के बाद उन्हें रामेश्वरम भेजा गया, जहां वे अपने परिवारों से मिले।

इससे पहले 29 जनवरी को पुडुचेरी के मुख्यमंत्री एन. रंगास्वामी से श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार किए गए मछुआरों के परिजनों ने मदद की गुहार लगाई थी। परिजनों ने रोते हुए मुख्यमंत्री से उनके लोगों को जल्द से जल्द रिहा करने की दिशा में कदम उठाने की अपील की थी। मुख्यमंत्री ने भी उन्हें हर प्रकार की मदद का भरोसा दिलाया था।

मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया था कि मछुआरों को रिहा करने के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने इस संबंध में केंद्र सरकार को भी पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने इस मामले में सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी, ताकि मछुआरों की रिहाई का मार्ग प्रशस्त हो सके।

बता दें कि श्रीलंकाई नौसेना ने तमिलनाडु और पुडुचेरी के 13 मछुआरों को गिरफ्तार किया था। श्रीलंका ने आरोप लगाया था कि मछुआरे उसकी समुद्री सीमा में अवैध रूप से घुस गए थे। श्रीलंकाई नौसेना की गोलीबारी में दो मछुआरे गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिन्हें श्रीलंका के जाफना के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार की रात करीब 10 बजे तमिलनाडु के कोडियाकराई के पास स्थित कराईकल के 20 से अधिक मछुआरे एक मोटरबोट में मछली पकड़ रहे थे। उन्हें श्रीलंकाई नौसेना की दो गश्ती नौकाओं ने घेर लिया था। इस दौरान मछुआरे भाग गए, लेकिन एक मोटरबोट श्रीलंकाई नौसेना के हाथ लग गई थी।

 

  • admin

    Related Posts

    हवाई हादसों का दर्दनाक इतिहास: अजित पवार दुर्घटना से पहले इन 11 दिग्गजों की भी ऐसे ही हुई थी मौत

    नई दिल्ली बुधवार की सुबह महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए गहरे शोक की खबर लेकर आई, जब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की एक…

    हमें पता है क्या हो रहा है — UGC रेगुलेशन मामले में दखल देगा सुप्रीम कोर्ट

    नई दिल्ली जातिगत भेदभाव से जुड़े UGC के नए नियमों के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया है। शीर्ष न्यायालय ने बुधवार को इस…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति