नगरीय निकाय चुनाव: सात वार्डों में निर्विरोध जीती भाजपा मुख्यमंत्री बोले- अच्छा संकेत है

रायपुर

 नगरीय निकायों में भाजपा के अध्यक्ष प्रत्याशी और पार्षद प्रत्याशियों की निर्विरोध जीत हो रही है। इसे लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि ये अच्छा संकेत है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को राजधानी में आयोजित भाजपा के कार्यकर्ता सम्मेलन में कार्यकर्ताओं को खूब उत्साह जगाया।

प्रदेश के सात वार्डों में भाजपा की निर्विरोध जीत हुई है। इनमें बिलासपुर निगम वार्ड 13 में कांग्रेस प्रत्याशी ने नामांकन वापस ले लिया है। कटघोरा नगर पालिका वार्ड 13 में कांग्रेस प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल ही नहीं किया। कटघोरा नगर पालिका के वार्ड 18 में कांग्रेस प्रत्याशी ने नामांकन वापस ले लिया।

दुर्ग नगर निगम के वार्ड नंबर 21 में किसी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। रायगढ़ नगर निगम के वार्ड नंबर 45 में कांग्रेस के प्रत्याशी ने नाम वापस किया, तो भाजपा के प्रत्याशी की निर्विरोध जीत हुई। इसी तरह भिलाई नगर निगम के वार्ड नंबर 35 में भी भाजपा के प्रत्याशी की निर्विरोध जीत हुई है।

कांग्रेस राज में हर तरफ था भ्रष्टाचार- CM
कांग्रेस को घेरते हुए सीएम साय ने कहा कि कांग्रेस सरकार में छत्तीसगढ़ में हर तरफ भ्रष्टाचार था। शराब, कोयला, बालू, डीएमएफ, महादेव एप घोटाला ये सब कांग्रेस ने किया। छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य को खराब किया, पीएससी जैसी संस्था को बदनाम किया।

इससे जनता का विश्वास कांग्रेस सरकार से उठ गया था। आज पीएससी घोटाले की जांच सीबीआइ कर रही है, जिसके दोषी जेल के अंदर है, उनकी बेल नहीं हो रही है। कोयला और शराब के घोटालेबाज भी जेल के अंदर हैं।

इस सम्मेलन में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, उपमुख्यमंत्री अरुण साव, पूर्व प्रदेश संगठन महामंत्री रामप्रताप सिंह, विधायक राजेश मूणत, सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू, अनुज शर्मा, महापौर प्रत्याशी मीनल चौबे व अन्य मौजूद रहे।

धमतरी के मेयर प्रत्याशी पर आरोप निराधार- कांग्रेस
राज्य निर्वाचन आयुक्त अजय सिंह से कांग्रेस के पूर्व विधायक सत्यनारायण शर्मा के नेतृत्व में नेताओं ने शुक्रवार को मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही धमतरी से महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा के चुनाव में भाग लेने की अनुमति मांगी है।

राज्य निर्वाचन आयुक्त को दिए गए शिकायती पत्र में कहा गया है कि धमतरी से महापौर प्रत्याशी विजय गोलछा का नामांकन फार्म निरस्त किया गया है। नगर निगम के कार्य में ठेकेदार के रूप में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष हित रखने का आरोप लगाया गया है।

यह भ्रामक, बेबुनियाद और विधि के खिलाफ है, क्योंकि आपत्तिकर्ता की ओर से कोई भी दस्तावेज साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत नही किया गया है। अभ्यर्थी पूर्व में ठेकेदार रहा है, जिसका कार्य पूर्णता का प्रमाण-पत्र भी नगर पालिक निगम धमतरी की ओर से जारी किया गया है। उन्हें चुनाव में भाग लेने की अनुमति का यथाशीघ्र आदेश प्रदान किया जाए।

दीक्षा समारोह पर भी जताई आपत्ति
कांग्रेस ने इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में शनिवार को होने वाले दीक्षा समारोह पर आपत्ति जताते हुए निर्वाचन आयुक्त से रोक लगाने की मांग की है। आदर्श आचार संहिता प्रभावशील है। ऐसी स्थिति में दीक्षा समारोह का आयोजन किया गया है, जिसमें मुख्य अतिथि सीएम विष्णु देव साय और विशिष्ट अतिथि मंत्री रामविचार नेताम हैं। यह आदर्श आचार संहिता के नियमों के विरुद्ध है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति