ओडिशा की डिप्टी सीएम बोलीं-‘कांग्रेस अभी तक ‘साहेबजादा’ से बाहर नहीं निकली’

भुवनेश्वर/नई दिल्ली।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू पर टिप्पणी को लेकर सोनिया गांधी और कांग्रेस पार्टी भाजपा के निशाने पर है। अब ओडिशा की डिप्टी सीएम प्रावती परिदा ने सोनिया गांधी की टिप्पणी पर दुख जताते हुए कहा कि यह न सिर्फ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बल्कि सभी देशवासियों का अपमान है। परिदा ने कहा कि लोकतंत्र में राष्ट्रपति का पद सर्वोच्च होता है। ऐसे में उन पर टिप्पणी किया जाना बेहद दुखद है।

ओडिशा की डिप्टी सीएम प्रावती परिदा ने कहा कि यह बहुत दुखद है। वह (सोनिया गांधी) भी एक महिला हैं और लंबे समय से एक राष्ट्रीय पार्टी की अध्यक्ष हैं। वह एक सांसद भी हैं। एक आदिवासी महिला हमारी राष्ट्रपति हैं और लोकतंत्र में सर्वोच्च पद पर आसीन हैं, उन्हें 'बेचारी' कहना बहुत गलत है। कांग्रेस अभी भी अपनी 'साहेबजादा' वाली मानसिकता से मुक्त नहीं हो पाई है। यह सोनिया गांधी के शब्दों से स्पष्ट है। मुझे नहीं लगता कि राष्ट्रपति का इस तरह मजाक उड़ाया जाना चाहिए। उन्होंने (सोनिया गांधी) देश की महिलाओं को निराश किया है।'

सोनिया गांधी से माफी मांगने की मांग
परिदा ने कहा, 'उन्हें (सोनिया गांधी) देश से माफी मांगनी चाहिए। यह न केवल राष्ट्रपति का बल्कि इस देश के सभी लोगों का अपमान है। शायद कांग्रेस, लोकतंत्र और संविधान में विश्वास नहीं करती है।' सोनिया गांधी ने संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन पर अपनी प्रतिक्रिया दी थी, जिस पर विवाद हो गया। सोनिया गांधी ने राष्ट्रपति को बेचारी बताया था। उन्होंने कहा था कि 'अंत तक राष्ट्रपति बहुत थक गई थीं। वह मुश्किल से बोल पा रही थीं। बेचारी।' कांग्रेस नेता की टिप्पणी की भाजपा ने कड़ी आलोचना की थी।

सोनिया गांधी की टिप्पणी की आलोचना जारी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी सोनिया गांधी की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की और कहा कि यह 'आदिवासी गौरव' पर हमला है। एक्स पर साझा एक पोस्ट में सीएम धामी ने कहा, 'सोनिया गांधी द्वारा भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लिए इस्तेमाल किए गए शब्द बेहद निंदनीय हैं। देश के सर्वोच्च पद पर आसीन माननीय राष्ट्रपति के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा 'आदिवासी गौरव' पर हमला है। एक बार फिर कांग्रेस ने अपनी विभाजनकारी मानसिकता का परिचय दिया है और आदिवासी विरोधी, दलित विरोधी और गरीब विरोधी मानसिकता को दर्शाया है।'केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी सोनिया गांधी की टिप्पणी की निंदा की और कहा, 'सोनिया गांधी बहुत वरिष्ठ नेता हैं और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं और अभी भी संसद सदस्य हैं। राष्ट्रपति के लिए 'बेचारी' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना बेहद निंदनीय है। एक वरिष्ठ सांसद और नेता के मुंह से ऐसी बातें अच्छी नहीं लगतीं। मैं इसकी निंदा करती हूं।'

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