हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है दरगाह पीर हनीफ शरीफ

बलरामपुर

बलरामपुर जिले में स्थित दरगाह पीर हनीफ शरीफ मथुरा बाजार हिंदू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। यहां वसंत पंचमी के मौके पर तीन दिवसीय मेले का आयोजन किया गया है। मेले में भारत और नेपाल राष्ट्र के तमाम लोग यहां आकर जियारत व चादर पोशी करते हैं। ऐसी मान्यता है कि मजार के पास आठ कोने का एक कुंआ बना हुआ है, इसका पानी पीने से लोग बीमारियों से निजात पा जाते हैं।

दरगाह शरीफ मथुरा बाजार का इतिहास काफी पुराना है। इसका निर्माण दिल्ली के शासक शाहजहां ने वर्ष 1627 में कराया था। तभी से यह हिन्दू मुस्लिम एकता का प्रतीक है। यहां दोनों समुदाय के लोग चादरपोशी के लिए पहुंचते हैं। वसंत पंचमी के मौके पर मेले में भारी संख्या में लोग शामिल होते हैं। दरगाह के अंदर की नक्काशी व गुंबद इसकी भव्यता को चार चांद लगाते हैं। स्थानीय लोगों की मान्यता है कि मजार के पास आठ कोने का पुराना कुआं बना है। कुएं का पानी पीने से बीमार लोग ठीक होते हैं। किंवदंतियों के अनुसार दरगाह शरीफ के चारों तरफ 9 किलोमीटर तक घना जंगल था। इसे लोग नौ गजा भी कहा कहते हैं। जंगल के बीच सैयद पीर मोहम्मद हनीफ की मजार थी। वहां कुछ लोग नमाज अदा कर रहे थे। वर्ष 1627 में इसी रास्ते से शाहजहां बंगाल जा रहे थे। वह मजार पर आकर खुद नमाज अदा किए। उसी स्थान पर उन्होंने भव्य मस्जिद बनवाने का फैसला लिया। मस्जिद बनने में 6 माह 13 दिन लगे थे। दरगाह शरीफ के गद्दी नशीन बाबा मोहम्मद शाहनवाज शाह ने बताया कि दरगाह में प्रतिदिन लोगों की भीड़ बनी रहती है, लेकिन तीन दिवसीय वसंत मेले में यहां बड़ा आयोजन होता है। भारत व पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से तमाम लोग मेले में आते हैं। मजार पर चादरपोशी कर अपनी मन्नतें मांगते हैं। लोगों का मानना है कि दरगाह शरीफ से उनकी मन्नतें पूरी होती हैं।

आज से शुरू होगा वसंत मेला
तीन फरवरी से यहां वसंत मेले का आयोजन होगा, जो तीन दिनों तक चलता रहेगा। यह मेला क्षेत्रीय लोगों के आकर्षण का केन्द्र रहता है। दरगाह शरीफ के मेला प्रबन्धक ग्राम प्रधान मोहम्मद उमर शाह ने बताया कि वसंत मेले में खोया पाया केंद्र, चिकित्सा व्यवस्था के साथ पेयजल की व्यवस्था की गई है। बस व अन्य बड़े वाहनों का पार्किंग अलग बनाया गया है। वसंत मेले के पूर्व ही दूरदराज की दुकानें सज गई हैं। मेले में झूला, सर्कस व अन्य मनोरंजन के साधन लग चुके हैं। मेला अध्यक्ष मोहम्मद अहमद उस्मान ने बताया कि गरीब लोगों के लिए लंगर का आयोजन भी मेले में किया गया है। इस संबंध में ललिया थाना निरीक्षक बृजानंद सिंह ने बताया कि शांति, सुरक्षा के दृष्टिगत मेले में पुलिस बल की तैनाती की गई है।

  • admin

    Related Posts

    अंबिकापुर: जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी वाला ईमेल, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

    अम्बिकापुर सरगुजा जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ई-मेल मिलने से बुधवार को प्रशासनिक अमला सतर्क हो गया। यह धमकी जिला न्यायाधीश की आधिकारिक ई-मेल…

    मतदाता सूची शुद्धिकरण पर फोकस, रोल ऑब्ज़र्वर अभिनव गुप्ता ने किया फील्ड निरीक्षण

    रायपुर. निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों का रोल ऑब्जर्वर  अभिनव गुप्ता ने किया निरीक्षण निर्वाचक नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम–2026 के अंतर्गत भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    धर्म

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    माघ माह की आखिरी एकादशी: इन 3 जगहों पर दीपक जलाते ही चमक उठेगा किस्मत का सितारा

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    शुक्र प्रदोष व्रत का महात्म्य: इस मुहूर्त में पूजा से पूरी होंगी मनोकामनाएं

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    आज का राशिफल: ग्रहों के परिवर्तन से किस राशि की बदलेगी किस्मत

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    श्रद्धा का प्रतीक बेलपत्र: क्यों महादेव को अति प्रिय है यह पत्ता, क्या है जन्म कथा

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    गंडमूल नक्षत्र का रहस्य: जन्म के बाद 27 दिनों तक पिता-दर्शन क्यों वर्जित?

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति

    17 फरवरी 2026 को पहला सूर्य ग्रहण, धनिष्ठा नक्षत्र और कुंभ राशि में, जानें भारत में सूतक काल की स्थिति