बमबारी से सैनिकों की रक्षा के लिए नए कमांड कॉम्प्लेक्स का निर्माण हो रहा है, युद्ध की तैयारी में जुटा है चीन?

चीन
क्या चीन युद्ध की तैयारी में जुटा है? राष्ट्रपति शी जिनपिंग तो इसे लेकर बेहद गंभीर नजर आते हैं कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) को जंग के लिए तैयार रहना चाहिए। चीनी सैन्य हवाई अड्डों को मजबूत बनाया जा रहा है। बमबारी से सैनिकों की रक्षा के लिए नए कमांड कॉम्प्लेक्स का निर्माण हो रहा है। इस तरह की तैयारियों से कुछ ऐसे ही संकेत मिलते हैं। सैटेलाइट इमेजरी से पता चला कि पीएलए की ओर से कई तरह के प्रोजेक्ट्स पर काम जारी है। मगर, इनमें सबसे ज्यादा चौंकाने वाला नया कमांड कॉम्प्लेक्स है। राजधानी बीजिंग से लगभग 25-30 किमी पश्चिम-दक्षिण में इसका निर्माण हो रहा है।

पता चला कि पीएलए की खातिर युद्धकालीन कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर के रूप में कार्य करने के लिए इसे डिजाइन किया गया है। यह साइट लगभग 1,500 एकड़ के दायरे में फैली हुई है। खास बात यह है कि पेंटागन की तुलना में यह 10 गुना बड़ी है। सैटेलाइट इमेजरी से खुलासा हुआ कि जमीन में कई गहरे गड्ढे किए गए हैं, जिनमें मजबूत बंकर बनाए जाएंगे। जानकारों का मानना है कि परमाणु हमला होने पर ये बंकर पर्याप्त सुरक्षा दे सकते हैं। जैसे ही यह कमांड कॉम्लेक्स पूरा होगा, दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य कमांड सेंटर कहलाएगा। कुछ लोग इसे बीजिंग मिलिट्री सिटी भी कह रहे हैं।

4 किमी के दायरे में फैला है कॉम्प्लेक्स
रिपोर्ट के मुताबिक, कमांड कॉम्प्लेक्स में हर दिन 100 से अधिक क्रेनें काम कर रही हैं। इस निर्माण स्थल की चौड़ाई लगभग 4 किलोमीटर तक है। साथ ही जमीन में काफी गहराई तक निर्माण कार्य चल रहा है। बमबारी या कोई बड़ा हमला होने पर इसमें जीवित बचने की संभावना अधिक होगी। चीन में बन रहे इस नए परिसर के बारे में अभी बहुत ज्यादा जानकारी सामने नहीं आ पाई है। इसके अलावा, कॉम्प्लेक्स को लेकर जिस तरह के दावे किए जा रहे हैं उनकी पुष्टि करना भी मुश्किल है। खबर में कहा गया कि भूमिगत मार्ग से जुड़े कई अंडरग्राउंड नोड हैं, जिन्हें सबवे नेटवर्क की तरह तैयार किया जा रहा है। इस तरह की अपुष्ट जानकारियां चीन के नए मिलट्री कमांड कॉम्प्लेक्स को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। वैश्विक सुरक्षा के लिए इन सवालों का समय से जवाब मिलना भी जरूरी है।

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