फ्री फायर गेम की दोस्ती के चलते घर से भागी दो लड़कियां, ऑनलाइन हुआ सब कांड, जांच में ऐसे हुआ खुलासा

नई दिल्ली
आजकल ऑनलाइन गेमिंग का चलन बढ़ता जा रहा है और इसके दुष्प्रभाव भी सामने आने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला उत्तराखंड के विकासनगर में सामने आया जहां दो नाबालिग लड़कियां ऑनलाइन गेम ‘फ्री फायर’ के दौरान बने एक दोस्त से मिलने के लिए घर छोड़कर भाग गईं। पुलिस की तत्परता और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के सहारे उन्हें पंजाब के राजपुरा में एक बस स्टैंड से सकुशल बरामद किया गया। विकासनगर के एक व्यक्ति ने पुलिस को सूचना दी कि उसकी 13 वर्षीय भतीजी और पड़ोस में रहने वाली 17 वर्षीय सहेली अचानक बिना बताए घर से गायब हो गई हैं। परिजनों ने काफी खोजबीन की लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जब इसका खुलासा हुआ तो पता चला कि सारा कांड ऑनलाइन खेल से शुरु हुआ था।

जांच में ऐसे हुआ खुलासा
गुमशुदा लड़कियों की तलाश में पुलिस ने परिजनों और दोस्तों से पूछताछ की। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले गए। इसके साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी उनकी जानकारी साझा की गई। इसी बीच, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से पता चला कि दोनों लड़कियां हरियाणा के अंबाला में हैं। जब तक पुलिस वहां पहुंचती, तब तक वे वहां से निकल चुकी थीं।

राजपुरा के बस स्टैंड पर मिलीं लड़कियां
पुलिस लगातार लड़कियों की लोकेशन ट्रैक कर रही थी। कुछ देर बाद पता चला कि वे पंजाब के राजपुरा में बस स्टैंड पर हैं। तुरंत ही पुलिस टीम वहां पहुंची और दोनों लड़कियों को सकुशल बरामद कर लिया। पूछताछ के दौरान उन्होंने बताया कि वे ऑनलाइन गेम ‘फ्री फायर’ के दौरान बने एक मित्र से मिलने घर से निकली थीं।

परिजनों को सौंपा गया
पुलिस द्वारा पूछताछ में लड़कियों ने स्पष्ट किया कि उनके साथ किसी भी प्रकार का आपराधिक कृत्य नहीं हुआ है। इसके बाद उन्हें सुरक्षित उनके परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में बच्चों और माता-पिता को सतर्क रहने की सलाह दी है।

ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत बन रही खतरा
यह मामला दर्शाता है कि ऑनलाइन गेमिंग सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि बच्चों के लिए खतरा भी बनता जा रहा है। माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें और उन्हें सुरक्षित इंटरनेट उपयोग के बारे में जागरूक करें।

जरूरी सावधानियां
बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखें।
सोशल मीडिया और गेमिंग प्लेटफॉर्म पर अजनबियों से बातचीत को नियंत्रित करें।
बच्चों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।
ऑनलाइन दोस्ती के संभावित खतरों को समझाएं।

 

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